यूपी की कई कोर्ट को ‘बम से उड़ाने’ की धमकी, RDX का जिक्र, मचा हड़कंप | UP Court blast threat
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर अदालती परिसरों को निशाना बनाने की धमकी मिली है। लखनऊ, आजमगढ़ और अलीगढ़ समेत राज्य के कई जिलों में सोमवार को जिला जजों की आधिकारिक ईमेल आईडी पर बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इन ईमेल में अदालती परिसरों में आरडीएक्स लगाए जाने और दोपहर 12 बजे तक उड़ाने की बात कही गई थी। इस Court blast threat के बाद अदालतों में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। यह घटना राज्य की न्याय व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
लखनऊ में जिला जज की ईमेल आईडी पर दोपहर 12:15 बजे एक ईमेल आया, जिसमें जज के चैंबर और कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में दावा किया गया था कि पूरे परिसर में 12 आरडीएक्स लगे हैं। धमकी भरे मेल में तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू न करने की मांग की गई थी और अंत में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) और पाकिस्तान आईएसआई का जिक्र था। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया गया और कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ता व अन्य लोग आनन-फानन में बाहर निकलने लगे।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव, एसीपी चौक राजकुमार सिंह और इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी पुलिस बल, बम और डॉग स्क्वायड के साथ तुरंत कोर्ट परिसर पहुंचे। सुरक्षा कारणों से पूरा परिसर खाली करा लिया गया। बम और डॉग स्क्वायड ने सिविल कोर्ट परिसर, कोर्ट रूम, जज और अधिवक्ताओं के चैंबर, बरामदे, लॉकअप समेत पूरे कचहरी में घंटों गहन छानबीन की, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
अलीगढ़ में भी इसी तरह की सूचना मिलने पर हड़कंप मच गया। हालांकि, बाद में पता चला कि यह पुलिस द्वारा आयोजित एक मॉक ड्रिल थी। अलीगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से फोन पर मॉक ड्रिल की सूचना मिली थी, जिसमें अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील की गई थी। इसके बाद अधिवक्ताओं ने 18-20 मिनट के भीतर परिसर खाली कर दिया। पुलिस अधिकारियों के पहुंचने और बम धमकी की अफवाह फैलने से अधिवक्ताओं में अफरा-तफरी मच गई, खासकर महिला अधिवक्ता सहम गईं। बाद में मॉक ड्रिल की जानकारी होने पर सभी ने राहत की सांस ली, लेकिन अचानक बिना सूचना के मॉक ड्रिल करने पर सवाल भी उठे।
आजमगढ़ में भी जिला जज जेपी पांडेय को सुबह करीब 9:50 बजे आधिकारिक ईमेल पर धमकी भरा संदेश मिला। इसमें जजों के चैंबर समेत 12 स्थानों पर आरडीएक्स और आईईडी लगाए जाने की बात कही गई थी और दोपहर 12 बजे तक कचहरी खाली कराने की चेतावनी दी गई थी। जिला जज ने तत्काल एसएसपी डॉ. अनिल कुमार को सूचित किया, जिसके बाद परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। पुलिस ने कर्मचारियों, वकीलों, वादकारियों और दुकानदारों को बाहर निकालकर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉयड टीम के साथ करीब चार घंटे तक गहन छानबीन की। कोई संदिग्ध वस्तु न मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली और दोपहर दो बजे के बाद सभी को वापस प्रवेश दिया गया। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ईमेल के स्रोत की जांच की जा रही है और न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश की अदालतों को ऐसी धमकी मिली है। शुक्रवार को भी लखनऊ समेत कई जिलों में जिला जज और अन्य अफसरों की आधिकारिक आईडी पर धमकी भरे ईमेल आए थे, जिसके बाद पुलिस और एटीएस ने जांच की थी। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि ये धमकी भरे मेल कहां से आ रहे हैं और इनके पीछे कौन है। पुलिस के अनुसार, ईमेल के आईपी एड्रेस को ट्रेस किया जा रहा है और साइबर क्राइम सेल को भी इस जांच में लगाया गया है। पूर्व में आए मेल के बारे में संबंधित कंपनी को भी सूचित किया गया है।
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