बिहार के इन पर्यटक स्थलों का होगा कायाकल्प, पर्यटकों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
बिहार के पर्यटक स्थलों में सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वीकृत योजनाओं ने अब आकार लेना प्रारंभ कर दिया है। लंबे समय से पर्यटक स्थलों पर आने वाले लोगों को सुविधाओं की कमी महसूस होती थी, जो अब इन योजनाओं के पूरा होने के बाद दूर हो जाएगी। सरकार इन स्थलों के स्वरूप को बदलने के साथ पर्यटकों के लिए सुविधाओं के क्रियान्वयन करा रही है।
जिन पर्यटक स्थलों को विकसित किया जा रहा है, उनका समृद्ध इतिहास रहा है। सोमेश्वरधाम अरेराज में सालभर श्रद्धालु सोमेश्वरनाथ महादेव के दर्शन व जलाभिषेक को आते हैं। सावन, अनंत चतुर्दर्शी समेत कई मौकों पर लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन सीमित सुविधाओं से उन्हें परेशानी होती है। अब उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर 106 करोड़ की योजनाओं के क्रियान्वयन प्रारंभ कर दिया गया है। धनौती नदी पर पुल का निर्माण कार्य व मंदिर तक पहुंचने के लिए मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य किया जाना है। इसके अलावा मंदिर की चाहरदीवारी, पार्वती पोखर का सौंदर्यीकरण और लोगों के ठहरने के लिए आवास का निर्माण कराया जा रहा है।
पीपरा के बेदीवन मधुबन में सीताकुंड धाम को पर्यटक स्थल के रूप में घोषित कर इसका विकास प्रारंभ कर दिया गया है। 13.10 करोड़ की लागत से यहां कार्य कराया जा रहा है। ऐसा मानना है कि इस स्थल पर प्रभु श्री राम मां सीता के साथ जनकपुर से वापस लौटने के क्रम में यहां रूके थे। यह स्थल अब तक उपेक्षित था, लेकिन अब इसे पर्यटकीय सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। सीताकुंड की खुदाई के साथ सड़क, कैफेटेरिया व पर्यटकों के ठहरने के लिए अतिथिशाला का निर्माण हो रहा है।
विश्व का सबसे ऊंचा केसरिया बौद्ध स्तूप पर भी पर्यटकीय मानकों के अनुरूप कार्य हो रहे हैं। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यहां बन रहे पर्यटक फैसिलिटी सेंटर का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व अन्य मंत्रियों के साथ पहुंचे थे। यहां भी 17.15 करोड़ की लागत से कार्य चल रहा है।
