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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अखिलेश के आरोपों पर ट्रस्ट का जवाब, जानें क्या है सच्चाई

By Jun 8, 2026

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपये के गायब होने के आरोप पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पलटवार किया है। ट्रस्ट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ऐसी कोई उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि चढ़ावे की रकम का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता है, जिसमें ट्रस्ट और एसबीआई के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। यह ऑडिट प्रक्रिया आजकल चल रही है और अभी तक कुछ भी असामान्य नहीं पाया गया है।

अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है और इसे ‘उल्लेखनीय’ भी नहीं माना जा रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि 40 सेकंड के स्पष्टीकरण में इतने घंटे क्यों लगे और बोलने में इतनी हिचकिचाहट क्यों है। उन्होंने प्रदेश सरकार की चुप्पी को भी संदिग्ध बताया और कहा कि यह स्पष्टीकरण सनातन समाज को और अधिक शंकित कर रहा है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के एक पदाधिकारी ने बताया कि चढ़ावे की राशि की गिनती एसबीआई की अयोध्या शाखा के स्टाफ द्वारा नोट गिनने की मशीन से कैमरे की निगरानी में की जाती है। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद चढ़ावे की राशि करोड़ों में पहुँच जाने के कारण गिनती में अधिक समय लग रहा है। गिनती के बाद राशि को डबल लॉक वाले लॉकर में रखा जाता है, जिसकी एक चाबी बैंक अधिकारी और दूसरी ट्रस्ट के प्रभारी के पास होती है। अगले दिन इस राशि को सुरक्षित बैंक शाखा में भेजा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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