छर्रा सीएचसी की बदहाली ने ली बुजुर्ग की जान, Aligarh news
अलीगढ़ के छर्रा क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और गरीबी के कारण एक बुजुर्ग की जान चली गई। थाना दादों क्षेत्र के ग्राम निनामयी निवासी 60 वर्षीय नत्थू सिंह पिछले कुछ समय से सांस की बीमारी और पेशाब बंद होने की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। शनिवार को जब उनके बेटे जीतू और महेश उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) छर्रा लेकर पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत अलीगढ़ स्थित जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।
गरीबी बनी मौत का कारण
रेफर का पर्चा हाथ में आते ही नत्थूत्थू सिंह के बेटों के सामने अंधेरा छा गया। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जो 4-5 बीघा की छोटी सी जोत और मजदूरी पर निर्भर है। बेटों के पास अलीगढ़ जाकर मेडिकल कॉलेज के महंगे इलाज, जांचों और दवाओं का खर्च उठाने के लिए पैसे नहीं थे। लाचारी की पराकाष्ठा यह थी कि उनके पास अलीगढ़ जाने तक का किराया नहीं था। वे अपने पिता को वापस घर ले गए, जहाँ कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई।
सीएचसी छर्रा में सुविधाओं का अभाव
यह घटना छर्रा सीएचसी की आपातकालीन सुविधाओं की कमी को उजागर करती है। छर्रा नगर पंचायत और आसपास के कई थाना क्षेत्रों का एकमात्र मुख्य केंद्र होने के बावजूद, यहाँ इमरजेंसी वार्ड में आधुनिक संसाधनों का घोर अभाव है। गंभीर मरीजों को स्थिर करने के लिए जरूरी अत्याधुनिक उपकरणों और जीवन रक्षक यंत्रों की कमी है। इसी कारण हर गंभीर मरीज को सीधे अलीगढ़ रेफर कर दिया जाता है, जो गरीब मरीजों के लिए जानलेवा साबित होता है।
सीएचसी छर्रा के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि मरीज को सांस की गंभीर परेशानी थी, इसलिए उसे मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ रेफर किया गया था। उन्होंने पुष्टि की कि परिजन मरीज को लेकर नहीं गए और उनकी हालत गंभीर हो गई।
