खैर में सरकारी दुकानों के किराए वसूली का मामला गरमाया, एसडीएम से जांच की मांग | Khair news
अलीगढ़ जिले के खैर कस्बे में सरकारी भूमि पर निर्मित दुकानों के किराए की वसूली को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। खैर इंटर कॉलेज प्रबंधन पर आरोप है कि वह राज्य सरकार के नाम दर्ज पोखर की भूमि पर बनी 42 दुकानों का किराया अवैध रूप से वसूल रहा है। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच हलचल मचा दी है, क्योंकि यह सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, अलीगढ़-पलवल रोड पर स्थित गाटा संख्या 1352 राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से राज्य सरकार के पोखर के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद, खैर इंटर कॉलेज द्वारा इस भूमि पर 42 दुकानों का निर्माण करा लिया गया था। आरोप है कि इन दुकानों के निर्माण के बाद से ही कॉलेज प्रबंधन लगातार इनका किराया वसूल रहा है, जबकि भूमि का स्वामित्व राज्य सरकार के पास है। यह स्थिति कई वर्षों से चली आ रही है और अब जाकर यह मामला सुर्खियों में आया है।
हाल ही में एक स्थानीय समाचार पत्र में इस मुद्दे के प्रकाशित होने के बाद, नगर पालिका परिषद खैर के चेयरमैन संजय शर्मा ने सक्रियता दिखाते हुए एसडीएम खैर एसके सिंह से मुलाकात की। चेयरमैन ने एसडीएम को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इन दुकानों का किराया या तो राजस्व विभाग में जमा कराया जाए या नगर पालिका परिषद को इसकी वसूली का अधिकार दिया जाए, ताकि प्रक्रिया वैधानिक हो सके। एसडीएम एसके सिंह ने मामले की जांच कराने और तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस विवाद का सीधा असर स्थानीय राजस्व और सरकारी संपत्ति के प्रबंधन पर पड़ रहा है, जिससे आम जनता में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
वहीं, खैर इंटर कॉलेज के प्रबंधक कपिल अग्रवाल ने इस संबंध में अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि दुकानों से संबंधित यह विवाद पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने यह भी बताया कि कोर्ट द्वारा इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। यह कानूनी पेचीदगी इस मामले को और जटिल बना रही है।
