इथियोपियाई ज्वालामुखी की राख 4500 किमी दूर भारत पहुंची, उड़ानों पर असर
अफ्रीका के इथियोपिया में स्थित हायली गुबी ज्वालामुखी, जो 12 हजार वर्षों से शांत था, 23 नवंबर 2025 को अचानक फट पड़ा। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस शक्तिशाली विस्फोट से निकली राख का गुबार लगभग 14 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया।
वायुमंडल में अत्यधिक ऊंचाई पर बहने वाली हवाओं की तेज गति और दिशा के कारण, यह ज्वालामुखी की राख हजारों किलोमीटर दूर तक फैल गई है। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, यह राख लगभग 4,500 किलोमीटर की दूरी तय कर भारत की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों तक पहुंच रही है। विशेषज्ञ इस घटना पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और इसके संभावित प्रभावों का आकलन कर रहे हैं।
इस अप्रत्याशित घटना का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा है। राख के कणों के हवाई जहाजों के इंजनों के लिए खतरनाक होने की आशंका के चलते, सोमवार को कई प्रमुख एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दीं। अकासा एयर, इंडिगो और केएलएम (KLM) जैसी प्रतिष्ठित एयरलाइंस ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया। राख के फैलाव का दायरा बढ़ने के साथ ही, अन्य एयरलाइंस द्वारा भी परिचालन पर पुनर्विचार किए जाने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वालामुखी की राख न केवल हवाई यात्रा के लिए खतरा पैदा करती है, बल्कि जमीनी स्तर पर वायु प्रदूषण को भी बढ़ा सकती है। हालांकि, राख के कणों के आकार और घनत्व के आधार पर इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है। इस घटना से जुड़े आगे के घटनाक्रमों पर दुनिया भर के वैज्ञानिक और संबंधित प्राधिकरण बारीकी से नज़र रखे हुए हैं।
भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को मजबूती: सेना प्रमुख 2 दिसंबर को श्रीलंका के दौरे पर
अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग: चीन को भारत का दो टूक जवाब
दिल्ली के जर्जर फ्लैटों में हजार परिवारों का जीवन खतरे में, DDA की उपेक्षा
नेतन्याहू की भारत यात्रा टली, इजरायल ने सुरक्षा पर जताया पूरा भरोसा
दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’: 12 दिन से जारी संकट, अब और बिगड़ सकते हैं हालात
दिल्ली के नारायणा में पेंट गोदाम में भीषण आग, मालिक रोहन लापता
दिल्ली में जल्द शुरू होंगी हॉट एयर बैलून की सवारी, यमुना किनारे बढ़ी रोमांच की छटा
इथियोपियाई ज्वालामुखी राख: दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का बाधित, 11 उड़ानें रद्द
