उत्तराखंड में धामी सरकार का बुलडोजर गरजा, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया
देहरादून में उत्तराखंड सरकार द्वारा सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। नगर निगम देहरादून ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख क्षेत्रों में अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया। यह अभियान सुबह से ही शुरू हुआ, जिसमें निगम की टीम, भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
सूत्रों के अनुसार, पहली बड़ी कार्रवाई मौजा कारगी ग्रांट के खसरा नंबर 121 में की गई। यहां नगर निगम की भूमि पर अवैध रूप से बने चार भवनों को जमींदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई से लगभग 700 वर्गमीटर भूमि मुक्त हुई, जो लंबे समय से अतिक्रमण की जद में थी। निगम ने शिकायतें मिलने के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए नोटिस जारी किए थे और अब जाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
इसके तुरंत बाद, निगम की टीम ने मौजा धोरणखास में भी एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। यहां नगर निगम की जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए पुश्तों (रिटेनिंग वाल) को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप करीब ढाई बीघा सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग भविष्य में सार्वजनिक हित के विभिन्न कार्यों में किया जाएगा।
नगर निगम के अधिकारियों ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति जारी रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे, ताकि सभी सरकारी भूमियों को अवैध कब्जों से मुक्त रखा जा सके और उनका जनहित में उपयोग सुनिश्चित हो।
नगर आयुक्त के कड़े निर्देशों के बाद, भूमि अनुभाग सक्रिय रूप से सरकारी जमीनों को चिन्हित कर कब्जामुक्त करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इन कार्रवाइयों के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही, यह भी योजना बनाई जा रही है कि मुक्त कराई गई इन भूमियों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
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