IMA में पीपिंग सेरेमनी: कुलबीर और अनंत बने अकादमी के सितारे
देहरादून की प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में शनिवार को आयोजित स्पेशल लिस्ट-38 कोर्स के लिए पीपिंग सेरेमनी में जम्मू-कश्मीर के राजौरी निवासी कुलबीर कुमार और असम के दीमा हसाओ निवासी अनंत पांडे आकर्षण का केंद्र रहे। दोनों अधिकारियों ने अपनी लंबी सैन्य सेवा के बाद न केवल अपने सपनों को पंख दिए, बल्कि मेहनत और समर्पण का सर्वोच्च सम्मान भी हासिल किया।
इस विशेष समारोह में, कुलबीर कुमार को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए कमांडेंट गोल्ड मेडल से नवाजा गया, जबकि अनंत पांडे को कमांडेंट सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्षों का प्रतीक है, बल्कि उन सैकड़ों सैनिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है जो नेतृत्व की भूमिका में आने का सपना देखते हैं।
जम्मू-कश्मीर के नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब पले-बढ़े कुलबीर कुमार बचपन से ही सैन्य वातावरण के साक्षी रहे हैं। सीमा पर तैनात सैनिकों का समर्पण और राष्ट्र सेवा के प्रति उनका जुनून कुलबीर के भीतर वर्दी पहनने के प्रति एक गहरा जुनून जगाता रहा। उनके पिता यशपाल खेती-बाड़ी करते हैं और मां पिंकी देवी गृहिणी हैं। कुलबीर की इस सफलता में उनके छोटे भाई सचिन, जो स्वयं सेना में हवलदार हैं, भी परिवार के गर्व का हिस्सा बने। कुलबीर की उपलब्धि की खुशी में उनकी पत्नी हीनू और चार वर्षीय बेटे अतिशय भी शामिल थे। यह अनुभव अब उनके सैन्य नेतृत्व की नींव बनेगा, जहाँ वे अपने देश की सेवा में अग्रिम भूमिका निभाएंगे।
वहीं, असम के दीमा हसाओ जिले के साधारण परिवार से आने वाले अनंत पांडे को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। उनके पिता छविलाल एक रिटायर्ड सरकारी शिक्षक हैं और मां लक्ष्मी गृहिणी हैं। अनंत ने अपने परिवार के समर्थन और अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। इस खुशी के अवसर पर उनकी पत्नी ज्योति जोशी पांडे, दस वर्षीय बेटी शर्वाणी और चार माह के बेटे आशुतोष भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस गौरवपूर्ण पल को उनके साथ साझा किया।
दोनों अधिकारियों की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना केवल शक्ति का प्रतीक ही नहीं, बल्कि अवसर का एक ऐसा मंच भी है जहाँ हर पृष्ठभूमि का व्यक्ति अपनी मेहनत और लगन से शीर्ष पर पहुँच सकता है। यह समारोह उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो राष्ट्र सेवा के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का ख्वाब देखते हैं।
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