तबादला होने के बाद भी नई जगह नहीं पहुंचे तीन अधिकारी, हुए स्वत: कार्यमुक्त
लखनऊ। सचिवालय प्रशासन विभाग ने एक बार फिर तबादला नीति का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने तबादला होने के बावजूद नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न करने वाले सचिवालय सेवा के तीन और अधिकारियों को शुक्रवार को स्वत: कार्यमुक्त कर दिया है। यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक चेतावनी है जो स्थानांतरण के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
इससे पहले, तीन दिसंबर को भी ऐसे ही 11 अधिकारियों को स्वत: कार्यमुक्त किया गया था। शुक्रवार को स्वत: कार्यमुक्त किए गए अधिकारियों में विभिन्न स्तरों के अधिकारी शामिल हैं, जिनमें विशेष सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अनु सचिव और अनुभाग अधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों को फरवरी से नवंबर माह के बीच अन्य महत्वपूर्ण विभागों में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन वे अपने पुराने विभाग में ही जमे हुए थे और नई जिम्मेदारियों से बच रहे थे।
शुक्रवार को जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें राज्य संपत्ति विभाग के अनु सचिव संजय कुमार भाष्कर, जिन्हें सचिवालय प्रशासन विभाग में नई तैनाती मिली थी, खाद्य एवं रसद विभाग में विशेष सचिव रहे महावीर प्रसाद गौतम, जिन्हें वित्त विभाग में भेजा गया था, और मुख्यमंत्री कार्यालय में अनुभाग अधिकारी रहे इंद्र प्रताप सिंह, जिन्हें ऊर्जा विभाग में योगदान देना था, शामिल हैं। इन सभी को उनके नवीन तैनाती वाले विभागों में तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिवालय प्रशासन विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह कदम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। तबादले का उद्देश्य अधिकारियों को विभिन्न विभागों में अनुभव प्रदान करना और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है। जो अधिकारी इन आदेशों का पालन नहीं करते, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की कार्रवाई से सरकारी महकमे में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
