किडनी बेचने वाले आयुष की कहानी: बिहार के बेगूसराय में जमीन बेचकर बर्बाद हुआ युवक, पत्नी ने भी छोड़ा
आर्थिक तंगी और कॉलेज की फीस चुकाने के लिए अपनी किडनी का सौदा करने वाले आयुष चौधरी का अतीत काफी दुखद है। बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के औगान गांव का रहने वाला आयुष इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कानपुर में किडनी बेचने के मामले में आयुष ने पुलिस को बताया कि उसे ऑपरेशन के बाद 9 लाख रुपये की जगह केवल 3.50 लाख रुपये ही मिले।
गांव के लोगों का कहना है कि आयुष शुरू में पढ़ने में तेज था और वर्ष 2015 में उसने प्रथम श्रेणी से इंटर पास किया था। उसके पिता राजेश चौधरी का सपना था कि बेटा डॉक्टर बने। आयुष का नामांकन विशाखापट्टनम के एक इंस्टीट्यूट में करवाया गया। लेकिन, वहां उसे जिले की एक लड़की से प्यार हो गया और वह भटक गया।
आयुष के पड़ोसी रमेश चौधरी के अनुसार, प्यार के चक्कर में वह गलत संगत में पड़ गया और नशे की लत लग गई। उसकी प्रेमिका ने भी उसे छोड़ दिया। आयुष की इन हरकतों से परेशान होकर साल 2017 में उसके पिता राजेश चौधरी ने खुदकुशी कर ली। पिता की मौत के बाद आयुष ने जमीन बेचनी शुरू कर दी। उसने गांव की करीब 18 बीघा जमीन बेच दी।
आयुष के चचेरे चाचा के अनुसार, पिता की मौत के कुछ दिनों बाद आयुष को सोशल मीडिया के जरिए यूपी की रहने वाली एक एयर होस्टेस से प्यार हुआ था। उसने एयर होस्टेस से देवघर में शादी की और उसके पीछे भी काफी खर्च किया। शादी के तीन महीने तक गांव में रहने के दौरान आयुष ने फिर से जमीन बेचनी शुरू की। उसकी इस हरकतों से परेशान होकर पत्नी ने घर छोड़ दिया और कुछ दिनों बाद आयुष से संबंध भी तोड़ लिया।
गांव के लोगों के मुताबिक, आयुष वर्ष 2021 में वापस गांव आया लेकिन उसके छोटे भाई ऋषभ ने उसे अपने साथ घर में रखने से मना कर दिया। उसके बाद घर से निकला तो फिर कभी वह बेगूसराय नहीं आया। मां रीता देवी अकेली रहती हैं, लेकिन पिछले 15-20 दिनों से घर में नहीं हैं और घर में ताला लगा हुआ है। भगवानपुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए किडनी बेचने की जानकारी मिली है, लेकिन साइबर फ्रॉड का कोई भी मामला उनकी जानकारी में नहीं है।
