MGNREGA का नाम बदलने पर सपा का केंद्र पर हमला, रामजीलाल सुमन बोले- गांधी के नाम मिटा सकते हैं, विचार नहीं
केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलकर ‘वीबी जी राम जी योजना’ किए जाने के प्रस्ताव पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने इस कदम की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मुख्य मकसद इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना है।
सुमन ने कहा कि केंद्र सरकार गांधी के नाम को तो मिटा सकती है, लेकिन उनके विचारों को नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम गांधीवादी सिद्धांतों को कमजोर करने का प्रयास है।
सपा नेता ने योजना के फंडिंग पैटर्न में बदलाव पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा में केंद्र और राज्य का अंश 90:10 के अनुपात में होता था, जिसे अब 60:40 करने का प्रस्ताव है। सुमन ने कहा कि कर्ज के बोझ से दबे राज्यों के लिए यह नई व्यवस्था मुश्किल पैदा करेगी।
सुमन ने नए कानून में ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिन काम देने के वादे पर भी सवाल उठाए, जबकि मनरेगा में 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी। उन्होंने कहा कि राज्यों में मजदूरी की दरें अलग-अलग हैं, जिनमें सुधार होना चाहिए।
