प्रौद्योगिकी से सामाजिक परिवर्तन: हरिवंश ने एएमयू में किया ‘Digital India’ का जिक्र
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सर सैयद स्मृति व्याख्यान के दौरान, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने मानव इतिहास में प्रौद्योगिकी द्वारा लाए गए सामाजिक परिवर्तनों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में आर्थिक बदलावों और समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहा है।
हरिवंश ने सर सैयद अहमद खान के वैज्ञानिक सोच और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के मिशन को याद किया, जिसने अनेक चुनौतियों के बावजूद सामाजिक और शैक्षिक सुधार का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने महात्मा गांधी सहित विभिन्न समाज सुधारकों के योगदान का भी उल्लेख किया। केंद्र सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), एग्री-ड्रोन तकनीक, पीएम-किसान योजना, यूपीआई और आपदा चेतावनी प्रणालियों जैसी पहलों को प्रौद्योगिकी के सफल अनुप्रयोग के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के स्वदेशी टीका विकास और चिनाब नदी पर बने ऊंचे पुल को भारतीय तकनीकी दक्षता का प्रमाण बताया गया।
एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने हरिवंश के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण जैसे जीवन के हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। सर सैयद अकादमी के निदेशक प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि सर सैयद स्मृति व्याख्यान का आयोजन 1968 से हो रहा है और कई प्रतिष्ठित हस्तियां इसमें भाग ले चुकी हैं। कार्यक्रम में ‘सर सैयद अहमद खानः ए प्राइवेट लाइफ’ और ‘अलीगढ़ कॉलेज और शिराज’ नामक दो पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।
