सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हिरासत से रिहा हुए साठ वकील | india news
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के नजदीक से करीब साठ वकीलों को हिरासत में ले लिया था। हिरासत में लिए गए इन वकीलों में कई वरिष्ठ और महिला अधिवक्ता भी शामिल थीं, जिससे कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई थी। इस कार्रवाई के बाद वकीलों के बीच रोष फैल गया और मामले ने तूल पकड़ लिया।
घटना के तुरंत बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्य न्यायाधीश के समक्ष स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे वकीलों के अधिकारों का हनन बताया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों के साथ इस तरह के बर्ताव पर चिंता जताते हुए एसोसिएशन ने तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी।
मामला संज्ञान में आते ही मुख्य न्यायाधीश ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। अदालत के त्वरित हस्तक्षेप का असर यह हुआ कि पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में हिरासत में लिए गए सभी वकीलों को रिहा कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर नागरिकों और वकीलों के लोकतांत्रिक अधिकारों तथा पुलिस कार्रवाई के दायरे को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
