आगरा में रिकॉर्ड तोड़ Silver Price, पायल-बिछुओं की बिक्री पर पड़ा असर
आगरा में चांदी की कीमतों ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और यह उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक अस्थिरता, निवेश में वृद्धि और औद्योगिक मांग के चलते चांदी के दामों में लगातार उछाल आ रहा है। इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर स्थानीय सराफा बाजार पर पड़ा है।
बाजार में पायल, बिछुओं और उपहार में दिए जाने वाले चांदी के सिक्कों की मांग में 40 से 50 प्रतिशत तक की कमी आई है। सराफा कारोबारियों के अनुसार, सहालग के सीजन में भी लोगों ने केवल आवश्यकतानुसार ही खरीददारी की है।
चांदी के बढ़ते मूल्यों का एक प्रमुख कारण वैश्विक स्तर पर निवेशकों की बढ़ती संख्या है। कई देशों के सेंट्रल बैंक भी इसमें निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और औद्योगिक क्षेत्र में चांदी का बढ़ता उपयोग भी मूल्य वृद्धि के बड़े कारक हैं।
आभूषण ज्वेलर्स के निदेशक आनंद प्रकाश के अनुसार, चांदी के निवेशकों की संख्या में वृद्धि और औद्योगिक प्रयोग मूल्य वृद्धि का सबसे बड़ा कारण है। बाजार में दिसंबर तक चांदी का मूल्य सवा दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि आगामी वर्ष में यह तीन लाख रुपये तक जा सकता है।
आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि मूल्य वृद्धि ने बाजार की मांग को बुरी तरह प्रभावित किया है। आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रज मोहन रैपुरिया ने कहा कि बाजार में मांग आधी भी नहीं बची है।
