शिवपाल यादव का बड़ा खुलासा: अमित शाह के कहने पर लड़े थे भतीजे के खिलाफ चुनाव
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा एक चौंकाने वाला कबूलनामा किया है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने स्वीकार किया है कि वह उस साल फिरोजाबाद सीट से अपने भतीजे अक्षय यादव के खिलाफ गृहमंत्री अमित शाह के कहने पर चुनाव मैदान में उतरे थे। शिवपाल के अनुसार, यदि वह यह चुनाव नहीं लड़ते तो अक्षय यादव को जीत से कोई नहीं रोक पाता और वह बड़े अंतर से विजयी होते।
17वीं लोकसभा के लिए हुए फिरोजाबाद लोकसभा चुनाव में काफी गहमागहमी देखी गई थी। इस सीट से समाजवादी पार्टी ने प्रोफेसर रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव को दोबारा प्रत्याशी बनाया था। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने चंद्रसेन जादौन को उम्मीदवार बनाकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया था। 1999 से इस सीट पर काबिज रही समाजवादी पार्टी की स्थिति मजबूत मानी जा रही थी।
हालांकि, परिवार के भीतर चल रही कलह के बीच शिवपाल यादव ने अपनी अलग पार्टी प्रसपा से इस सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी, जिससे मुकाबला बेहद रोचक हो गया। उस समय ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि भाजपा इस मुकाबले में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकती है, लेकिन मुख्य प्रचार यह था कि शिवपाल यादव अपने भतीजे से पारिवारिक खुन्नस निकालने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।
2019 के मई में आए नतीजों ने इन आशंकाओं को सच साबित कर दिया। अक्षय यादव को 25 हजार से अधिक मतों से हार का सामना करना पड़ा और भाजपा के चंद्रसेन जादौन सांसद चुने गए। सपा में वापसी के बाद, 2024 के चुनाव से पहले शिवपाल यादव ने सार्वजनिक मंचों पर यह स्वीकार किया था कि अक्षय के खिलाफ चुनाव लड़ना उनकी एक गलती थी। लेकिन, अब छह साल बाद उन्होंने पहली बार यह स्पष्ट किया है कि वह अमित शाह के कहने पर चुनाव लड़े थे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के नेता पारिवारिक मतभेदों का लाभ उठाना चाहते थे। यह पॉडकास्ट लगभग दो महीने पुराना है और अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
उस समय के चुनाव में भाजपा के डॉ. चंद्रसेन जादौन को 4,86,077 मत मिले थे, जबकि सपा के अक्षय यादव को 4,61,086 मत प्राप्त हुए थे। शिवपाल यादव की प्रसपा को 91,054 वोट मिले थे।
इस मामले पर उस समय प्रसपा के जिलाध्यक्ष रहे पूर्व विधायक अजीम भाई से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने पॉडकास्ट न देखने के कारण कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, पूर्व सांसद डॉ. चंद्रसेन जादौन के पुत्र ललित जादौन ने इसे शिवपाल यादव की निजी राय बताया है।
