शामली पुलिस की सक्रियता से ठगों के चंगुल से छुड़ाए लाखों रुपये
ऑनलाइन ठगी के बढ़ते जाल ने शामली जिले के लोगों को चिंता में डाल दिया है। कभी लॉटरी के बहाने तो कभी नौकरी या व्यापार के नाम पर ठग भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। हाल ही में, शामली पुलिस ने ऐसे ही दो मामलों में सराहनीय कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को लाखों रुपये वापस दिलाए हैं, जिससे लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ा है।
कोतवाली क्षेत्र के कुड़ाना गांव निवासी मोनू कुमार को ठगों ने चप्पल बनाने की मशीन दिलाने का झांसा देकर ठग लिया। दिल्ली के एक व्यक्ति, संजय, ने मोनू से संपर्क साधा और मशीन दिलाने के एवज में एनईएफटी के माध्यम से उसके खाते से पांच लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पैसे लेने के बाद संजय न तो मशीन देने को तैयार हुआ और न ही रुपये वापस कर रहा था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ठग के खाते को होल्ड कराया और सफलतापूर्वक 3 लाख 10 हजार रुपये मोनू कुमार को वापस दिला दिए। पुलिस का कहना है कि शेष धनराशि भी जल्द ही बरामद कर ली जाएगी। इस सफलता पर मोनू कुमार ने पुलिस और साइबर टीम का आभार व्यक्त किया है।
एक अन्य मामले में, कस्बे के मुहल्ला शेखबद्धा निवासी केशर कय्यूम के साथ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में गलती हो गई। 24 नवंबर को, उन्होंने यूपीआई के माध्यम से गलती से दो लाख रुपये किसी परिचित के बजाय एक अज्ञात व्यक्ति के खाते में भेज दिए थे। इस घटना से परेशान होकर उन्होंने कैराना साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली पर कार्यरत साइबर टीम ने इस मामले को गंभीरता से लिया और युवक की पूरी राशि, यानी दो लाख रुपये, वापस कराने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई से केशर कय्यूम ने राहत की सांस ली और उन्होंने कोतवाली प्रभारी व टीम को धन्यवाद दिया।
इन मामलों के मद्देनजर, पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या गलती होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि सही समय पर की गई शिकायत से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
