शादी के मंडप पर पहली पत्नी का पहुंचा, बरात बिना फेरे लौटे
गोरखपुर के सहजनवां क्षेत्र में एक मैरेज हॉल में रविवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब जयमाल की रस्म पूरी होने के बाद दूल्हे की पहली पत्नी पुलिस के साथ स्टेज पर जा पहुंची। खुद को दूल्हे की पहली पत्नी बताते हुए उसने हो रहे विवाह को रुकवा दिया।
सूत्रों के अनुसार, सहजनवां के एक गांव के व्यक्ति ने अपनी पुत्री की शादी शाहपुर थाना क्षेत्र के कृष्ण नारायण शुक्ल के साथ तय की थी। रविवार रात धूमधाम से बरात मैरेज हॉल पहुंची और विवाह की रस्में शुरू हो गईं। दूल्हा-दुल्हन एक-दूसरे को जयमाल पहना चुके थे, तभी रात करीब 12 बजे संतकबीरनगर जिले की रहने वाली संध्या मिश्रा पुलिस बल के साथ विवाह स्थल पर आ गईं।
संध्या मिश्रा का दावा है कि वर्ष 2020 में कृष्ण नारायण से उनकी शादी हुई थी, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष बाद विवाद होने पर वह अपने मायके चली गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका पति अब दूसरी शादी कर रहा है, जिसकी जानकारी मिलने पर वह पुलिस के साथ यहां पहुंचीं।
हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने तत्काल दूल्हे कृष्ण नारायण शुक्ल और उसके पिता शंभू शुक्ला को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते विवाह संपन्न नहीं हो सका और बरात को बिना फेरे लिए ही वापस लौटना पड़ा।
अगले दिन सोमवार सुबह लड़की पक्ष की ओर से थाने में एक तहरीर दी गई। इसमें दूल्हे कृष्ण नारायण शुक्ल पर पहली शादी की बात छिपाने, शादी के लिए 14 लाख रुपये दहेज लेने और अन्य रस्मों में लगभग 12 लाख रुपये खर्च कराने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि युवती के पिता की तहरीर के आधार पर दूल्हा कृष्ण नारायण शुक्ल, उसके पिता शंभू शुक्ला और मंगल मिश्र के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
यह भी पता चला है कि संध्या और कृष्ण नारायण के बीच प्रेम विवाह हुआ था। कृष्ण नारायण के मकान में ही संध्या किराए पर रहती थीं, जहां दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हुए और बाद में उन्होंने शादी कर ली। शादी के करीब डेढ़ साल तक सब ठीक रहा, लेकिन बाद में वैवाहिक जीवन में विवाद शुरू हो गए, जिसके बाद संध्या अपने मायके चली गई थीं।
