खिचड़ी मेले की डेडलाइन तय, सुरक्षा और सुविधा का मास्टर प्लान तैयार
गोरखपुर में आगामी खिचड़ी मेले के मद्देनजर तैयारियों को लेकर अंतिम डेडलाइन तय कर दी गई है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में मंडलायुक्त, डीआईजी डॉ. एस चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी राजकरन नय्यर ने मेले की रूपरेखा की बारीकी से समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 दिसंबर तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं धरातल पर दिखनी चाहिए, ताकि मेले में आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान, मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास मार्ग, पार्किंग स्थल, मेला स्थल, साथ ही मेडिकल और सहायता केंद्रों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर क्षेत्र में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को एकीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाए और उनकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए। तकनीकी टीम को बैकअप सिस्टम को दुरुस्त रखने और भीड़ बढ़ने की स्थिति में रियल-टाइम अलर्ट जारी करने का भी निर्देश दिया गया है।
यातायात व्यवस्था को खिचड़ी मेले की एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए, डीआईजी ने एसपी यातायात को एक विस्तृत डायवर्जन प्लान, पार्किंग मैप और वाहन संचालन की लेयर-बेस्ड रणनीति तैयार करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मेले में आने-जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और पैदल मार्गों का पहले से निर्धारण किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में जाम की समस्या उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पेयजल, अस्थायी शौचालय, मोबाइल टॉयलेट, बिजली आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था और सफाई व्यवस्था का विस्तृत खाका तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मेले में हर 200 मीटर की दूरी पर सहायता केंद्र और सूचना काउंटर स्थापित किए जाएं, जहां भक्तों को मेला मार्ग, भीड़ की स्थिति और आपातकालीन सेवाओं के बारे में तत्काल जानकारी उपलब्ध हो सके।
स्वास्थ्य विभाग को मेले के भीतर फर्स्ट-एड सेंटर, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों की 24 घंटे की तैनाती का निर्देश दिया गया है। वहीं, एसएसपी ने पुलिस बल को भीड़ प्रबंधन के लिए सेक्टर और ज़ोन वाइज फोर्स की तैनाती, महिला ड्यूटी प्वाइंट, चेकिंग टीम और पेट्रोलिंग यूनिट बढ़ाने का आदेश दिया है, ताकि मेले के दौरान कानून व्यवस्था पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त रहे।
