नेपाल से बिहार जा रहा 6.35 क्विंटल गांजा बरामद, पांच तस्कर गिरफ्तार
विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की संयुक्त टीम ने नेपाल से बिहार और पूर्वांचल में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर दुबियारी पुल के पास हुई इस कार्रवाई में, पुलिस ने एक कंटेनर और एक स्कॉर्पियो को रोककर पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है।
तलाशी के दौरान, कंटेनर की कैविटी से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ, जिसका वजन 6.35 क्विंटल से अधिक था। बाजार में इसकी कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। बरामद गांजे को 41 पैकेटों में सील किया गया और नारकोटिक्स विभाग को सौंप दिया गया। गिरफ्तार किए गए पांचों तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, एसटीएफ की लखनऊ इकाई के पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण में एसटीएफ फील्ड इकाई गोरखपुर के सत्यप्रकाश सिंह और उनकी टीम ने यह कार्रवाई की। सूचना थी कि नेपाल के मुगलिंग से भारी मात्रा में गांजा कंटेनर ट्रक और स्कॉर्पियो के जरिए भारत लाया जा रहा है।
रविवार शाम करीब 3:40 बजे, मुखबिर द्वारा बताए गए समय पर टीम ने दुबियारी पुल पर दोनों वाहनों को रोका। कंटेनर (एनएल 02, एन-4167) और स्कॉर्पियो (बीआर 01, पीजी-3052) में सवार पांच लोगों से पूछताछ की गई, जिससे तस्करी के तार उजागर हुए।
मुख्य आरोपी, जितेंद्र यादव, जो बिहार के मोतीहारी पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा थाना क्षेत्र का निवासी है, ने पूछताछ में बताया कि उसने नेपाल निवासी अच्छेलाल यादव के साथ मिलकर इस खेप को मंगवाया था। नेपाल में अच्छेलाल और परसा जिले के नवराज श्रेष्ठ ने ट्रक के केबिन के ऊपर बनी कैविटी में गांजा भरा था। नवराज सोनौली बॉर्डर तक कंटेनर के साथ आया और फिर भारत में प्रवेश कराया। इसके बाद, बिहार के पश्चिमी चंपारण निवासी चालक सुनील राय कंटेनर को गोरखपुर तक लाया। खोराबार क्षेत्र में एक अन्य चालक, बिहार के पश्चिमी चंपारण निवासी राजन तिवारी, को बुलाया गया था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि स्कॉर्पियो में सवार जितेंद्र यादव, नवराज श्रेष्ठ और बिहार के मोतीहारी निवासी राजू यादव ने कैविटी से दो बंडल गांजा अलग कर लिए थे, जिन्हें चौरी चौरा या देवरिया में सप्लाई किया जाना था। तस्करों ने स्वीकार किया कि गांजे को सिवान होते हुए हाजीपुर ले जाने की योजना थी, जहां से इसे बिहार के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जाना था।
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह पिछले कई वर्षों से नेपाल-बिहार मार्ग का इस्तेमाल कर गांजे की तस्करी कर रहा था। गिरफ्तार तस्करों ने यह भी बताया कि वे गांजा लदे कंटेनर को देवरिया ले जाकर, वहां से गुठनी के रास्ते सिवान, बिहार में प्रवेश कराते और फिर हाजीपुर अड्डे पर पहुंचते। इसके बाद, आसपास के जिलों और राज्यों में तस्करी का जाल फैलाते। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
