नवरात्र का दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी पूजन से सुख-समृद्धि की कामना, कानपुर देहात में आस्था का सैलाब
कानपुर देहात में नवरात्र के दूसरे दिन, शुक्रवार को देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने आदिशक्ति के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी का जयकारों के साथ पूजन किया। भक्तों ने मां को नारियल, चुनरी और फल अर्पित किए, साथ ही मिश्री, शक्कर और मिष्ठान्न का भोग लगाकर मनवांछित फल की कामना की। दुर्गा सप्तशती के मंत्रों के गूंजने से मंदिरों और घरों में भक्तिमय माहौल बना रहा।
जिले के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के देवी मंदिरों, जैसे मूसानगर के मुक्तेश्वरी मंदिर, यमुना बेल्ट के कथरी स्थित मां कात्यायनी देवी मंदिर, और अकबरपुर के कालिका देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ माता ब्रह्मचारिणी के पूजन के लिए जुटी रही। रूरा के दुर्गा मंदिर, मैथा की सम्मोहनी माता मंदिर, और पुखरायां के मौहर माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। शिवली के मां पंथा माता मंदिर में पूजन के बाद असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए परिसर में स्थित गुरु कूप का जल ग्रहण किया गया।
यहां विभिन्न मंदिरों में हुए विशेष पूजन:
मां बगलामुखी मंदिर (मैथा ब्लॉक, ज्योति गांव): आदिशक्ति मां बगलामुखी के पूजन के लिए लंबी कतारें लगीं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर रोग, शोक और शत्रुओं से छुटकारा तथा कल्याण की कामना की।
कौमारी देवी मंदिर (रसूलाबाद ब्लॉक, लाला भगत गांव): ऐतिहासिक माता कौमारी देवी के मंदिर में भक्तों ने कष्टों से निजात और कल्याण की कामना की। मंदिर के द्वार पर रखे वाहन मुर्गे का भी पूजन किया गया।
परहुल देवी मंदिर (मैथा ब्लॉक, लम्हरा गांव): दूरस्थ स्थानों से आए भक्तों ने नैवेद्य, फल, नारियल, चुनरी और ध्वज अर्पित कर सुख-समृद्धि व कल्याण की कामना की।
पाथामाई मंदिर (रूरा कस्बा): यहां महिलाओं और युवतियों ने चौमुखी दीपक जलाकर मां की आरती उतारी और कल्याण की कामना की।
इन आयोजनों से स्थानीय समुदाय में धार्मिक उत्साह बढ़ा है और लोग सामूहिक रूप से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
