आगरा में डॉक्टर का नंबर ढूंढना पड़ा महंगा, साइबर ठगी का शिकार हुआ व्यक्ति, 8.86 लाख की ठगी
आगरा शहर में एक व्यक्ति को गूगल पर डॉक्टर का नंबर खोजना महंगा पड़ गया। डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के प्रयास में वह साइबर ठगों के जाल में फंस गया और उसके खाते से 8.86 लाख रुपये उड़ा दिए गए। यह घटना लोगों को ऑनलाइन जानकारी खोजते समय सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
पीड़ित, कमला नगर निवासी राजीव कुमार गुप्ता, अपनी पत्नी के बीमार होने पर डॉक्टर विवेक अग्रवाल से मिलने के लिए गूगल पर उनका नंबर ढूंढ रहे थे। उन्हें जो नंबर मिला, वह डॉक्टर या अस्पताल का नहीं, बल्कि एक साइबर ठग का था। ठग ने खुद को डॉक्टर का असिस्टेंट बताया और फीस के तौर पर यूपीआई से पांच रुपये भेजने को कहा। इस दौरान, ठग ने पीड़ित को बातों में उलझाए रखा और धोखे से उनके मोबाइल में एक एपीके फाइल डाउनलोड करवा दी। पीड़ित को इस बात की जरा भी भनक नहीं लगी कि यह फाइल कितनी खतरनाक हो सकती है।
कुछ दिनों बाद, 5 जुलाई की सुबह, पीड़ित के आईसीआईसीआई बैंक खाते से लगातार पैसे कटने शुरू हो गए। कुल 35 बार में, ठगों ने खाते से 8.86 लाख रुपये निकाल लिए। जब बैंक से पैसे कटने के मैसेज आने शुरू हुए, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके तुरंत बाद, उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि इस तरह की ठगी में एपीके फाइल डाउनलोड कराना एक आम तरीका है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान स्रोत से आई एपीके फाइल को डाउनलोड न करें, क्योंकि इससे मोबाइल फोन का नियंत्रण साइबर ठगों के हाथों में चला जाता है, जिससे वे आसानी से वित्तीय धोखाधड़ी कर सकते हैं।
