जगन गुर्जर हत्याकांड: प्रशासन ने मानी मांगें, भाई पप्पू को अजमेर जेल से शिफ्ट करने का आश्वासन; आंदोलन टला
धौलपुर के बाड़ी इलाके में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के मामले में प्रशासन और मृतक के परिजनों के बीच देर रात सहमति बन गई। इस सहमति के बाद आंदोलन की तैयारी कर रहे सैकड़ों युवा वापस लौट गए। प्रशासन ने बाड़ी थानाधिकारी को जांच लंबित रहने तक लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हुई जगन गुर्जर की हत्या से जुड़ा है। रविवार को डांग क्षेत्र के गांव भभूतिपुरा में जगन गुर्जर के बारहवीं रस्म कार्यक्रम में सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस दौरान सरकार के समक्ष रखी पांच मांगों पर कार्रवाई न होने पर असंतोष व्यक्त किया गया था और बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी।
मांगों पर बनी सहमति
जब सैकड़ों लोग बाड़ी की ओर बढ़ने लगे, तो जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान और बाड़ी एडिशनल एसपी श्रवण कुमार की मौजूदगी में हुई वार्ता में जगन गुर्जर हत्याकांड से संबंधित पांच मांगों पर चर्चा हुई। पहली मांग जगन के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर से किसी अन्य जेल में स्थानांतरित करने की थी, जिस पर प्रशासन ने जल्द आदेश जारी करने का आश्वासन दिया। परिवार की सुरक्षा को लेकर भी प्रक्रिया जारी है।
सीबीआई जांच और थानाधिकारी पर कार्रवाई
सीबीआई जांच की मांग पर बताया गया कि अभी न्यायिक जांच चल रही है, जिसके पूरा होने पर उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। बाड़ी कोतवाली थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग पर एसपी ने जांच होने तक थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए हैं। पेरोल पर जगन के दो भाई पहले ही रिहा हो चुके हैं। प्रतिनिधिमंडल ने अब तक की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया और सभी लोग वापस लौट गए।
