सोरों में 106 वर्ष पुराना शिवराज पशु मेला 22 नवंबर से शुरू
उत्तर प्रदेश के तीर्थ नगरी सोरों में 106 वर्ष की गौरवशाली परंपरा से चला आ रहा श्री शिवराज पशु मेला इस वर्ष 22 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। यह मेला न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पशु व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब जैसे दूर-दराज के राज्यों से व्यापारी अच्छी नस्ल के अश्व, ऊंट और अन्य पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए सोरों आते हैं। इस मेले में हर साल लाखों रुपये के पशुओं का कारोबार होता है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
मेले के आयोजकों द्वारा व्यापारियों और उनके पशुओं के ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। सोरों के लहरा रोड पर आयोजित होने वाले इस मेले का शुभारंभ 22 नवंबर को ठीक 11 बजकर 30 मिनट पर ध्वजा स्थापित करने और हवन पूजन के साथ किया जाएगा। इस ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन सोरों नगर पालिका के चेयरमैन रामेश्वर दयाल महेरे करेंगे।
श्री शिवराज पशु मेला के मालिक राव मुकुल मान सिंह ने बताया कि मेले में अच्छी नस्ल के पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों से आए पशु व्यापारियों से पहले ही संपर्क साधा गया है और उन्हें अधिक से अधिक संख्या में पशुओं के साथ मेले में पहुंचने का आग्रह किया गया है। व्यापारियों को मेले के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। पशुओं को बांधने और उनके चारे-पानी की व्यवस्था भी की गई है, ताकि व्यापारी निश्चिंत होकर अपने व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर सकें। यह मेला न केवल पशु व्यापार का मंच है, बल्कि विभिन्न राज्यों के व्यापारियों के लिए एक मिलन स्थल भी है।
