एसएन मेडिकल कॉलेज में बुखार और सांस की मरीजों की भीड़, पर्चे के लिए धक्का-मुक्की
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, खासकर वे मरीज जिन्हें बुखार और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत है। पर्चे बनवाने के काउंटर पर मरीजों के बीच धक्का-मुक्की की नौबत आ रही है, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। सर्द हवाओं के चलने और वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि के कारण सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ-साथ सांस संबंधी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी हुई है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में सोमवार को मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। जिला अस्पताल में सुबह नौ बजे से ही मरीजों की भीड़ जुटने लगी थी। बुखार, सर्दी, जुकाम और खांसी से पीड़ित मरीजों की तादाद सबसे अधिक रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 3214 मरीजों को परामर्श दिया गया, वहीं एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में यह संख्या 3501 तक पहुंच गई। सुबह 11 बजे के आसपास मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण पर्चे बनवाने वाले काउंटरों पर धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई।
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एक वरिष्ठ चिकित्सक के अनुसार, मौसम में आए बदलाव के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उन्होंने बताया कि सामान्य बुखार को ठीक होने में भी अब तीन से पांच दिन का समय लग रहा है। रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 289 मरीजों को देखा गया, जिनमें से चार मरीजों को सांस उखड़ने की गंभीर स्थिति के कारण भर्ती करना पड़ा। बाल रोग विभाग की ओपीडी में 178 बच्चों को परामर्श दिया गया, जिनमें से छह बच्चों को बुखार और निमोनिया के कारण भर्ती किया गया है।
इसके अतिरिक्त, चर्म रोग विभाग में भी मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। विभाग के अध्यक्ष ने बताया कि ओपीडी में 348 मरीजों को परामर्श दिया गया। इन मरीजों में चेहरे पर चकत्ते, दाने और फंगल संक्रमण जैसी समस्याएं अधिक पाई गईं। मरीजों की बढ़ती संख्या और स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों की गंभीरता अस्पताल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है।
