समस्तीपुर सदर अस्पताल में नवजात बदलने का आरोप: परिजनों ने किया हंगामा
समस्तीपुर के सदर अस्पताल में नवजात शिशु को बदले जाने के आरोप ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। पूसा प्रखंड के दिघरा गांव निवासी राजेश कुमार की पत्नी पार्वती कुमारी को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार की सुबह 5.18 बजे महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
प्रसव के लगभग दो घंटे बाद, प्रसूता की मां ने स्वास्थ्य कर्मियों पर शिशु बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि नर्स ने उन्हें तेल लाने के लिए भेजा और जब वे वापस लौटीं तो बच्चे को कपड़े में लपेट दिया गया था। बाद में देखने पर पता चला कि वह लड़की है, जबकि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में लड़के की बात कही गई थी। इस आरोप के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें लड़का होने की उम्मीद थी और अब उन्हें लड़की दी गई है।
हालांकि, सदर अस्पताल प्रबंधक ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रसूता ने एक लड़की को जन्म दिया था और अस्पताल में सब कुछ सुरक्षित था। प्रबंधक के अनुसार, अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज दिखाने और परिजनों को समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपों की गहनता से जांच की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में प्रसव के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
