120 साल पुराने मंदिर का कायाकल्प: महंत अवैद्यनाथ के संकल्प से UP के शहजादपुर में बना भव्य सिद्धपीठ
उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले के शहजादपुर मोहल्ले में स्थित श्रीराम जानकी सिद्धपीठ एक 120 साल पुरानी आस्था, संघर्ष और पुनर्जागरण की कहानी कहता है। 1904 में जमींदारों द्वारा दान की गई भूमि पर बना यह मिट्टी का मंदिर, जो कभी सादा था, धीरे-धीरे जर्जर हो गया था।
महंत अवैद्यनाथ का संकल्प
वर्ष 1992 में राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक, गोरक्षा पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ जी महाराज, इस मंदिर की जर्जर हालत देखकर दुखी हुए। उन्होंने मंदिर के भव्य पुनर्निर्माण का संकल्प लिया, जो इस मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
भव्य पुनर्निर्माण और वर्तमान स्वरूप
महंत अवैद्यनाथ के आशीर्वाद से 23 फरवरी 2015 को मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ। स्थानीय भक्तों और दानदाताओं के सहयोग से, लगभग तीन वर्षों में, यह टूटा हुआ मंदिर एक भव्य सिद्धपीठ में बदल गया। आज यह मंदिर लगभग 7000 वर्ग फुट में फैला हुआ है और दो मंजिला है।
पांच दरबार और धार्मिक आयोजन
मंदिर में पांच मुख्य दरबार हैं: श्रीराम दरबार, माता जगदंबा दरबार, संकटमोचन बजरंगबली दरबार, भगवान शिव दरबार, और श्री राधा-कृष्ण दरबार। ट्रस्ट द्वारा प्रतिदिन पूजा, भोग और आरती की जाती है। रामनवमी, हनुमान जयंती, जन्माष्टमी, नवरात्रि और सावन जैसे अवसरों पर विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। यह मंदिर अब सनातन धर्म की ताकत और एक महान संत के संकल्प का जीवंत प्रमाण है।
कानपुर में 17.7 मिमी बारिश के बाद भी उमस से घुटन, हीट इंडेक्स रेड जोन में
आरपीएफ टीम ने काउंटर टेररिज्म एक्सरसाइज में जीता तीसरा स्थान, यात्री सुविधाओं पर भी जोर
लखनऊ में बिजली संकट: उपकेंद्र ओवरलोड, 5 लाख लोग पावर कट से बेहाल, new transformer की मांग
यूपी के डिप्टी सीएम का बड़ा बयान: ‘मोदी भरोसा हैं, राहुल-अखिलेश धोखा’, 2027 चुनाव पर फोकस
भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाला सिपाही सुशील शुक्ला UP पुलिस से बर्खास्त, जानिए पूरा मामला
आगरा में विकास कार्यों की समीक्षा: CM ने मेट्रो और एयरपोर्ट को दी रफ्तार
कानपुर मैरिज ब्यूरो स्कैम: AI दुल्हनें और एजेंट आरोपी बनेंगे, UP पुलिस की बड़ी कार्रवाई
लखनऊ में हिमालय कोल्ड स्टोरेज में भीषण आग, 10 दमकलें बुझाने में जुटीं
