रांची अपहरण केस: दंपती ने कबूला जगरनाथपुर से भी चुराए बच्चे, खुला अंतरराज्यीय बाल तस्करी का ‘big racket’
रांची पुलिस ने अंश और अंशिका के अपहरण मामले में गिरफ्तार दंपती नव खेरावर और सोनी को पांच दिन की रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जगरनाथपुर थाना क्षेत्र से दो अन्य बच्चों की चोरी की बात स्वीकार की है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने दोनों को धुर्वा थाने से जगरनाथपुर थाने स्थानांतरित कर दिया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे एक संगठित गिरोह के लिए काम करते हैं, जिसके सदस्य दूसरे राज्यों में भी सक्रिय हैं। उन्होंने गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम और ठिकानों की जानकारी भी पुलिस को दी है। इस सूचना के आधार पर रांची पुलिस की एक विशेष टीम जल्द ही दूसरे राज्यों में छापेमारी की तैयारी कर रही है।
इस मामले में पहले ही 13 मानव तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस इन सभी को भी रिमांड पर लेने की तैयारी में है, जिससे अंतरराज्यीय बाल तस्करी नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क का जाल झारखंड के अलावा अन्य राज्यों तक फैला हुआ है।
बाल तस्करी के इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस अब तक कुल 12 बच्चों को सुरक्षित बरामद कर चुकी है। इन बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) में रखा गया है। उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी और परिजनों की पहचान होने तक उन्हें वहीं सुरक्षित रखा जाएगा। पुलिस ने बताया कि शहर के कई इलाकों में गुलगुलिया लोग अस्थायी रूप से रहकर बच्चों को अपने साथ रखते थे, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद अधिकांश परिवार भाग गए हैं।
पुलिस ने बताया कि बाल अपहरण और तस्करी की घटनाओं को लेकर अब शहर में निगरानी बढ़ा दी गई है। किसी भी बच्चे के कुछ देर के लिए भी गायब होने की सूचना पर पुलिस तत्काल सक्रिय हो जा रही है। इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई से बाल तस्करी के इस ‘big racket’ पर अंकुश लगाने में मदद मिल रही है।
