कांग्रेस में फिर Rahul Gandhi vs Priyanka Gandhi की बहस तेज, क्या है पार्टी के भीतर का विवाद?
महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में लगातार चुनावी हार के बाद, कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बार फिर प्रियंका गांधी वाड्रा को राष्ट्रीय नेतृत्व में बड़ी भूमिका दिए जाने की मांग उठ रही है। यह मांग अब दबी जुबान से निकलकर सार्वजनिक हो चुकी है, जहां पार्टी के नेता खुलकर प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त बता रहे हैं। यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, जिससे पार्टी के भीतर ‘राहुल बनाम प्रियंका’ की बहस फिर से तेज हो गई है।
इस विवाद की शुरुआत ओडिशा के वरिष्ठ विधायक मोहम्मद मोकीम ने की, जिन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर नेतृत्व पर सवाल उठाए और प्रियंका गांधी के लिए बड़ी भूमिका की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक होने के बावजूद वह लगभग तीन साल से राहुल गांधी से नहीं मिल पाए हैं। इस पत्र के एक सप्ताह बाद ही मोकीम को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
मंगलवार को सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने भी मोकीम के विचारों का समर्थन किया। मसूद ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए प्रियंका गांधी की तुलना इंदिरा गांधी से की और उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि “प्रियंका गांधी, इंदिरा गांधी की पोती हैं, जिन्होंने पाकिस्तान को ऐसा झटका दिया था जिसके निशान आज भी हैं। उन्हें प्रधानमंत्री बनाकर देखिए, फिर देखिए वह कैसे जवाब देती हैं।”
इमरान मसूद के इस बयान ने कांग्रेस के भीतर हलचल मचा दी, क्योंकि पार्टी लगातार राहुल गांधी को मोदी सरकार के खिलाफ मुख्य चेहरे के रूप में पेश कर रही है। भाजपा ने तुरंत इस कथित दरार को भुनाया। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि “इमरान मसूद ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें अब राहुल गांधी पर भरोसा नहीं है। राहुल हटाओ प्रियंका गांधी लाओ।”
हालांकि, मसूद ने बाद में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनका बयान राहुल गांधी के खिलाफ नहीं था, जो उनके और प्रियंका गांधी दोनों के नेता हैं। लेकिन यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब प्रियंका गांधी ने संसद के शीतकालीन सत्र में अपने भाषणों से ध्यान आकर्षित किया है।
शीतकालीन सत्र में दोनों गांधी भाई-बहनों ने भाषण दिए, लेकिन प्रियंका गांधी का भाषण सुर्खियों में रहा। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ बहस के दौरान और फिर मनरेगा को बदलने वाले बिल पर बोलते हुए भाजपा पर तीखे हमले किए। प्रियंका ने अपने भाषण में जवाहरलाल नेहरू पर भाजपा के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि “चाहे 999 हो या 9,999, एक सूची बनाइए, फिर हम समय तय कर सकते हैं… लेकिन आइए संसद के कीमती समय का उपयोग उस काम के लिए करें जिसके लिए लोगों ने हमें चुना है।” उनके भाषण की डिलीवरी और सहज हिंदी ने सांसदों से खूब सराहना बटोरी।
