आगरा विश्वविद्यालय में एमएससी छात्रा से रैगिंग, शिक्षकों की मौजूदगी पर उठे सवाल | agra news
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित स्कूल आफ लाइफ साइंस में अनुशासनहीनता और रैगिंग का एक नया मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यहाँ एमएससी बायोटेक्नोलॉजी प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने सीनियर छात्रों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आगामी फ्रेशर पार्टी के सिलसिले में सीनियर छात्र-छात्राएं कक्षा में पहुँचे थे और परिचय के नाम पर जूनियर्स को परेशान किया गया।
पीड़ित छात्रा का मुख्य आरोप है कि यह पूरी घटना कक्षा में शिक्षकों की मौजूदगी में हुई, लेकिन किसी ने भी सीनियरों को ऐसा करने से नहीं रोका। इस असहनीय व्यवहार से आहत होकर छात्रा ने सीधे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एंटी रैगिंग सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। केंद्रीय स्तर से मामला संज्ञान में आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और प्रोक्टोरियल बोर्ड ने तुरंत जांच बिठा दी।
जांच प्रक्रिया के तहत प्रोक्टोरियल बोर्ड ने एमएससी प्रथम वर्ष के करीब बीस छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें सीनियरों द्वारा परिचय के नाम पर दबाव बनाने की बात सामने आई है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनु प्रताप ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षण संस्थानों में इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं, बल्कि शैक्षणिक माहौल को भी दूषित करती हैं।
University campusों में इस तरह की गतिविधियाँ रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। इससे पहले भी हॉस्टल में छात्राओं के बीच मारपीट और खंदारी परिसर के दूसरे संस्थानों में छात्रों के दो गुटों के बीच संघर्ष की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।
