0

यूपी में सस्ती बिजली बचाने के लिए कानून में बदलाव का प्रस्ताव, 15 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ

By Jul 14, 2026

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव दाखिल किया है, जिसका उद्देश्य लगभग 15 लाख गरीब उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली के दायरे में बनाए रखना है। यह कदम तब उठाया गया है जब राज्य में 47 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं का बिजली भार बिना सहमति के बढ़ा दिया गया था, जिससे कई रियायती श्रेणी के उपभोक्ता बाहर हो गए थे।

वर्तमान नियमों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में एक किलोवॉट बिजली भार वाले उपभोक्ता जो महीने में 100 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करते हैं, उन्हें रियायती दर पर बिजली मिलती है। इस सब्सिडी का खर्च सरकार वहन करती है। हाल ही में पावर कॉरपोरेशन द्वारा 47 लाख उपभोक्ताओं का भार बढ़ाए जाने से लगभग 15 लाख ऐसे उपभोक्ता प्रभावित हुए जो इस रियायती योजना का लाभ उठा रहे थे।

कानून में बदलाव की मांग

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत आपूर्ति संहिता (सप्लाई कोड) में बदलाव की मांग की है। प्रस्ताव में कहा गया है कि एक किलोवॉट या उससे कम बिजली भार वाले गरीब उपभोक्ताओं का वास्तविक भार यदि किसी विशेष अवसर, जैसे शादी-विवाह या पारिवारिक समारोह के दौरान, साल भर में तीन बार 100 से 500 वॉट तक अस्थाई रूप से बढ़ता है, तो उनका स्थाई भार नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। स्थाई भार बढ़ने पर वे रियायती बिजली के दायरे से बाहर हो जाते हैं।

उपभोक्ता परिषद का तर्क

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस कदम को उपभोक्ताओं के प्रति अन्यायपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि जिन महीनों में उनका लोड बढ़ता है, वे उसी महीने दोगुना जुर्माना भी भरते हैं। ऐसे में उन्हें रियायती बिजली से बाहर करना उचित नहीं है। उन्होंने आपूर्ति संहिता में बदलाव की वकालत की है ताकि इन उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

जांच की मांग

एक अन्य प्रस्ताव में, उपभोक्ता परिषद ने गरीब उपभोक्ताओं की कुल बिजली खपत घटने के बावजूद उनके स्वीकृत विद्युत भार बढ़ाने के मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। परिषद ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2026-27 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि प्रति उपभोक्ता औसत वार्षिक खपत घटी है, ऐसे में भार बढ़ाने का कोई तकनीकी या तार्किक आधार नहीं बनता। इस मामले की जांच से गरीब उपभोक्ताओं को रियायती बिजली से बाहर करने की संभावनाओं का पता चल सकेगा।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

Agra News: केबिल डालने के बाद खुले छोड़े गड्ढे, आवागमन में लोगों को हो रही Agra problems

आगरा के कस्बा की गलियों में केबिल बिछाने के बाद खुले छोड़े गए गड्ढे अब लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का...
By Jul 14, 2026

Agra News: बजरंग दल का आरोप, पुलिस ने की कार्रवाई के बजाय कार्यकर्ताओं को रोका

आगरा में सोमवार शाम को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में प्रदर्शन कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मंदिर परिसर में एक अनियंत्रित वाहन ने टक्कर मारी थी,...
By Jul 14, 2026

साझा करें