5000 रुपये स्टांप पर प्रॉपर्टी गिफ्ट डीड: 5 साल तक नहीं होगी दूसरे के नाम रजिस्ट्री
राज्य सरकार ने औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों के हस्तांतरण को आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब परिजन एक-दूसरे को ये संपत्तियां 5000 रुपये के स्टांप पेपर और 1% शुल्क पर गिफ्ट डीड के माध्यम से दे सकेंगे। यह सुविधा सार्वजनिक हित में है क्योंकि यह पारिवारिक संपत्तियों के सुचारू हस्तांतरण को बढ़ावा देगी।
हालांकि, इस सुविधा के साथ एक शर्त भी जोड़ी गई है। एक बार गिफ्ट डीड के तहत हस्तांतरित की गई संपत्ति को पांच साल की अवधि तक किसी अन्य व्यक्ति को दान या गिफ्ट नहीं किया जा सकेगा। प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता ने इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी है।
इस सुविधा का लाभ पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधू, सगे भाई, सगे भाई के मृतक होने पर उसकी पत्नी, सगी बहन, दामाद या पौत्र, पौत्री जैसे करीबी पारिवारिक सदस्यों को मिलेगा। यह सुविधा केवल व्यक्तिगत हस्तांतरण के लिए है और फर्म, कंपनी, ट्रस्ट या किसी अन्य संस्था के स्वामित्व वाली संपत्तियों पर लागू नहीं होगी।
यह सुविधा पहले केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों के लिए उपलब्ध थी, जिसे अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों तक विस्तारित किया गया है। इससे व्यापारियों और उद्योगपतियों को अपनी संपत्तियों को परिजनों के बीच हस्तांतरित करने में आसानी होगी।
