यूपी में जापान-सिंगापुर जैसी सिटी बनाने की तैयारी, 1000 एकड़ जमीन चिह्नित, बढ़ेगा UP investment
उत्तर प्रदेश में अब जापान और सिंगापुर जैसी आधुनिक सिटी का अनुभव लेने के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश में ही इन दोनों देशों की तर्ज पर दो नई सिटी विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इसके लिए ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में कुल 1000 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इस पहल से राज्य में भारी UP investment आकर्षित होने की संभावना है।
प्राधिकरण ने जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के विकास के लिए औपचारिक प्रस्ताव राज्य के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रस्तावित जापान और सिंगापुर यात्रा के संदर्भ में इन परियोजनाओं के लिए क्षेत्र चिह्नित करने की अपेक्षा की गई थी।
परियोजना का विवरण और स्थान
योजना के तहत, जापान सिटी के लिए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-5ए में 500 एकड़ क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है। इसी प्रकार, सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7 में 500 एकड़ भूमि प्रस्तावित की गई है। ये दोनों सेक्टर प्राधिकरण की महायोजना के अंतर्गत बहुउद्देशीय औद्योगिक क्षेत्र के रूप में चिह्नित हैं, जहां औद्योगिक उपयोग न्यूनतम 70 प्रतिशत निर्धारित है। प्रस्ताव में इन सेक्टरों को एक एकीकृत औद्योगिक नगर के रूप में विकसित करने की बात कही गई है। इन दोनों परियोजनाओं का विकास ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर किए जाने का प्रस्ताव है। भूमि अधिग्रहण से संबंधित योजना भी तैयार कर ली गई है।
आर्थिक प्रभाव और अन्य विकास
इन परियोजनाओं से न केवल राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह कदम उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इन सिटीज के माध्यम से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और जीवनशैली का एक नया मानक स्थापित किया जा सके।
इसी बीच, यमुना सिटी में तीन नए ग्रुप हाउसिंग भूखंड भी आवंटित किए गए हैं, जिनसे चार हजार से अधिक फ्लैट तैयार हो सकेंगे। इन भूखंडों की बोली से प्राधिकरण को आरक्षित मूल्य के मुकाबले लगभग 106.11 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है, जो क्षेत्र में रियल एस्टेट की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
