यूपी के शामली में विदेश भेजने वाले फर्जी एजेंटों पर पुलिस का शिकंजा, अवैध सेंटर होंगे बंद
शामली जिले में विदेश में अच्छी नौकरी और वेतन का लालच देकर युवाओं को ठगने वाले फर्जी एजेंटों के खिलाफ पुलिस ने कमर कस ली है। इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे माध्यमों से संपर्क साधकर ये एजेंट टूरिस्ट वीजा पर युवाओं को विदेश भेजते हैं और वहां उनसे ठगी करते हैं। कुछ मामलों में तो युवाओं को जेल में डालकर यातनाएं भी दी जाती हैं।
फर्जी एजेंटों पर कार्रवाई के निर्देश
पिछले एक महीने में जिले में विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी के आठ मामले सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया है। उन्होंने जिले में चल रहे सभी अवैध सेंटरों को तत्काल बंद कराने और फर्जी एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने युवाओं से भी अपील की है कि वे किसी भी अंजान एजेंट के झांसे में न आएं और न ही नौकरी के नाम पर किसी को पैसे दें।
लाखों की ठगी का खुलासा
जानकारी के अनुसार, शामली के चौसाना, थानाभवन, कांधला, कैराना और जलालाबाद जैसे क्षेत्रों में यह गोरखधंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। कई एजेंट बिना विदेश मंत्रालय से लाइसेंस लिए अवैध रूप से यह काम कर रहे हैं। हाल ही में, कांबोडिया, रूस और सिंगापुर भेजने के नाम पर तीन लाख रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से ठगी के मामले सामने आए हैं। गढ़ीपुख्ता निवासी एक युवक को कंबोडिया ले जाकर ठगा गया, जबकि माजरा रोड निवासी एक अन्य युवक को रूस में मीट प्लांट में नौकरी का झांसा देकर ले जाया गया, जहां उसे चार दिन तक भूखा रखा गया और फिर गिरफ्तार करवा दिया गया। इसके अलावा, कांधला निवासी छह युवकों से विदेश भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी की गई।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिछले दिनों दो एजेंटों, रवि खान (यमुनानगर, हरियाणा) और जतिन (गुजरात) के खिलाफ एक पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है और उनकी तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से काम करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
