पीएम मोदी का इजराइल दौरा: रक्षा समझौतों पर होगी अहम बातचीत, संसद को करेंगे संबोधित (PM Modi Israel visit)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर इजराइल पहुंच गए हैं। यह उनकी बीते नौ वर्षों में दूसरी इजराइल यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों को दर्शाती है। इस PM Modi Israel visit का मुख्य केंद्र रक्षा सहयोग, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा है।
इजराइल पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ निजी बातचीत करेंगे। इसके बाद वे इजराइली संसद को संबोधित करेंगे, जो किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पहली बार होगा। यह संबोधन दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का दौरा करेंगे, जो नवाचार के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को उजागर करेगा।
रक्षा समझौतों पर विशेष जोर
इस दौरे पर भारत और इजराइल के बीच कई बड़े रक्षा समझौतों पर बातचीत की संभावना है। इनमें उन्नत ड्रोन, विशेष रूप से हेरॉन MK-2 MALE ड्रोन की खरीद और संयुक्त निर्माण शामिल हैं। यह ड्रोन 45 घंटे तक लगातार उड़ान भरने और भारी पेलोड ले जाने में सक्षम है, जो भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूती देगा। इसके अतिरिक्त, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम और इजराइल के प्रसिद्ध आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम की तकनीक साझा करने पर भी चर्चा हो सकती है। दोनों देश सैन्य उपकरणों के भारत में निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिलेगा।
रणनीतिक और आर्थिक सहयोग
रक्षा के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी और इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के बीच राजनीतिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। दोनों नेता क्षेत्रीय स्थिरता, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारों, व्यापार, निवेश और उन्नत प्रौद्योगिकी व नवाचार में सहयोग जैसे मुद्दों पर भी बातचीत होने की उम्मीद है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
अपने दौरे के दूसरे दिन, प्रधानमंत्री मोदी इजराइल के ऐतिहासिक होलोकॉस्ट स्मारक ‘यद वाशेम’ जाएंगे। यह स्मारक नाजी शासन में मारे गए 60 लाख से अधिक यहूदियों की याद में बनाया गया है। प्रधानमंत्री पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और मानव इतिहास के इस दुखद अध्याय को याद करेंगे।
इजराइली संसद में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को लेकर इजराइल के भीतर कुछ घरेलू राजनीतिक विवाद भी सामने आए हैं, जहां विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को आमंत्रित न किए जाने के विरोध में सत्र का बहिष्कार करने की योजना बनाई है। हालांकि, यह आंतरिक मामला है और भारत-इजराइल संबंधों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है। यह दौरा दोनों देशों के बीच दशकों पुराने मजबूत संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
