PhonePe ने OpenAI से मिलाया हाथ, UPI ऐप में आएगा ChatGPT; यूजर्स को होगा बड़ा फायदा
भारत में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, क्योंकि अग्रणी यूपीआई प्लेटफॉर्म फोनपे (PhonePe) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दिग्गज कंपनी ओपनएआई (OpenAI) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस ऐतिहासिक गठजोड़ का उद्देश्य चैटजीपीटी (ChatGPT) की उन्नत एआई क्षमताओं को फोनपे के प्लेटफॉर्म में एकीकृत करना है, जिससे करोड़ों भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।
यह साझेदारी भारतीय उपभोक्ताओं को अधिक सूचित निर्णय लेने और एक सुगम डिजिटल अनुभव प्राप्त करने में मदद करेगी। फोनपे ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस एकीकरण से उपयोगकर्ता खरीदारी करते समय अधिक सूझ-बूझ के साथ फैसले ले सकेंगे। हालांकि, पूरा चैटबॉट इंटरफेस फोनपे के उपभोक्ता ऐप या ‘फोनपे फॉर बिजनेस’ ऐप में उपलब्ध नहीं होगा, लेकिन उपयोगकर्ताओं को प्लेटफॉर्म पर चैटजीपीटी-आधारित अनुभव दिखाई देंगे। यह एआई असिस्टेंट उपयोगकर्ताओं को रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सही जानकारी दिलाने में मदद करेगा, जैसे अगली यात्रा की योजना बनाना या खरीदारी के महत्वपूर्ण निर्णय लेना।
यह पहली बार नहीं है जब किसी भुगतान कंपनी ने एआई दिग्गज के साथ साझेदारी की हो। अक्टूबर में, रेज़रपे (Razorpay) ने भी ओपनएआई और एनपीसीआई (NPCI) के साथ मिलकर चैटजीपीटी पर एजेंटिक एआई-आधारित यूपीआई लेनदेन लाने की घोषणा की थी। फोनपे का मानना है कि इस सहयोग से भारत में चैटजीपीटी के अपनाने को बढ़ावा मिलेगा और ‘आपसी व्यावसायिक विकास’ को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, ओपनएआई को भी फोनपे के विशाल उपयोगकर्ता आधार और इसके बड़े पारिस्थितिकी तंत्र, जिसमें इंडस ऐपस्टोर भी शामिल है, का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा। हालांकि, साझेदारी की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।
ओपनएआई के इंटरनेशनल हेड, ओलिवर जे (Oliver Jay) ने इस सहयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा, “भारत में लोगों के लिए एआई को और अधिक सुलभ बनाने के मिशन में फोनपे के साथ हमारा सहयोग एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। भारत नवाचार का एक वैश्विक केंद्र है और फोनपे की देश की समझ और बड़ा उपयोगकर्ता आधार उसे एक आदर्श भागीदार बनाता है।”
हाल के महीनों में भारत पर ओपनएआई का ध्यान स्पष्ट रूप से बढ़ा है। कंपनी ने भारत में अपना पहला फिजिकल कार्यालय खोलने की घोषणा की है और 1 गीगावाट (GW) क्षमता वाला डेटा-सेंटर स्थापित करने में निवेश कर रही है। पिछले महीने ही, कंपनी ने रेज़रपे और एनपीसीआई के साथ साझेदारी कर भारतीय उपयोगकर्ताओं को चैटबॉट ऐप के माध्यम से भुगतान करने की सुविधा दी थी, साथ ही चैटजीपीटी गो (ChatGPT Go) सब्सक्रिप्शन को देश में अगले 12 महीनों के लिए मुफ्त कर दिया था। फोनपे के साथ यह नवीनतम साझेदारी भारत में एआई को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
