पटना में किसानों के लिए शिकायत निवारण सेल का गठन, एमएसपी पर धान खरीद की समीक्षा
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान अधिप्राप्ति की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। समाहरणालय में आयोजित जिला अधिप्राप्ति टास्क फोर्स की बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष शिकायत निवारण सेल का गठन किया जाएगा। इस सेल के माध्यम से किसानों की हर समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी शिकायतों का तत्काल निराकरण हो सकेगा।nnबैठक में धान अधिप्राप्ति कार्य में तेजी लाने और किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटना जिले में कुल 208 पैक्स/व्यापार मंडल चयनित हैं, जिनमें से केवल 31 समितियां ही वर्तमान में सक्रिय हैं। अब तक 5,524 किसानों ने ऑनलाइन निबंधन कराया है, जिसमें 2,625 रैयत और 2,899 गैर-रैयत किसान शामिल हैं। जिले का कुल धान उत्पादन 6,84,341.30 मीट्रिक टन आंका गया है। सक्रिय 31 समितियों के माध्यम से अब तक केवल 40 किसानों से 179.825 एमटी धान की खरीद की गई है, जिसका मूल्य 2,369.25 रुपये प्रति क्विंटल तय है। खरीदे गए धान के एवज में 12 किसानों को 19,82,567 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिले में 30 सत्यापित राइस मिल भी इस प्रक्रिया से जुड़ी हैं।nnजिलाधिकारी ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पात्र समितियों का चयन प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराया जाए और सभी चयनित पैक्स को तीन दिनों के भीतर सक्रिय किया जाए। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अभियान के केंद्र में किसान हैं और धान बेचने में किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था इसमें बाधा उत्पन्न करती है, तो उसके विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। पाटलिपुत्र सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक को किसानों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न होने देने का निर्देश दिया गया है।nnकिसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक शिकायत निवारण सेल गठित करने के साथ-साथ एक हेल्पलाइन नंबर जारी करने का भी आदेश दिया गया है। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में अधिप्राप्ति लक्ष्य की नियमित समीक्षा करने और समितियों को सक्रिय कराने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने स्वयं भी फील्ड विजिट के दौरान खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने और किसानों से सीधे फीडबैक लेने की बात कही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में केवल ऑनलाइन चयनित किसानों से ही धान की खरीद की जाए। बिचौलियों या गैर-अधिकृत संगठनों से धान खरीद पाए जाने पर कार्रवाई अनिवार्य होगी, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके।”
भाव मिल सके।
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