बिहार में सरकारी नौकरियों की बहार: 31 दिसंबर तक रिक्तियों की जानकारी भेजने का निर्देश
बिहार सरकार युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में, राज्य के सभी महकमों को निर्देश दिया गया है कि वे 31 दिसंबर तक अपने-अपने विभागों में उपलब्ध सभी तरह की रिक्तियों की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दें। इस जानकारी की गहन समीक्षा के बाद, सामान्य प्रशासन विभाग संबंधित नियुक्ति आयोगों को अधियाचना भेजेगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया को गति मिल सके।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से इस महत्वपूर्ण निर्देश की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सभी प्रशासी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों और पुलिस मुख्यालय के अधीन कार्यरत कार्यालयों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, यह उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक रही है। सात निश्चय-2 के तहत, वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में पहले ही 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार प्रदान किया जा चुका है। अब, अगले पांच वर्षों (2025-30) के लिए एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नई सरकार के गठन के उपरांत, सरकारी नौकरियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए सरकार ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी नियुक्ति आयोगों और चयन एजेंसियों को निर्देशित किया है कि वे जनवरी 2026 में पूरे वर्ष के लिए एक नियुक्ति कैलेंडर प्रकाशित करें। इस कैलेंडर में विज्ञापन प्रकाशन की तिथि, परीक्षा आयोजन की संभावित अवधि और अंतिम परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परीक्षा के लिए, विज्ञापन प्रकाशन से लेकर अंतिम परीक्षाफल तक का समय एक वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए, चाहे परीक्षा के कितने भी चरण हों। सभी परीक्षाओं को पूर्णतः पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए नियुक्ति आयोगों और चयन एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों की पहचान कर उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दंडित कराने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बिहार में ऑनलाइन (सीबीटी) परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि परीक्षाओं का आयोजन समय पर और सुचारू रूप से हो सके।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार शुरू से ही प्रयासरत है और अधिक से अधिक सरकारी नौकरियां और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी परीक्षाएं समय पर और पूर्ण पारदर्शिता के साथ आयोजित की जाएंगी।
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