ई-पॉश मशीन अपडेट न करने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर होगी कार्रवाई
जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री को रोकने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपनी ई-पॉश मशीनों में नया वर्जन 3.31 टीएमएस अपडेट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, मशीनों में जियो-फेंसिंग भी कराई जानी आवश्यक है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी उर्वरक विक्रेता अपने प्रतिष्ठान या गोदाम से निर्धारित दूरी की सीमा से बाहर उर्वरकों का वितरण या बिक्री न कर सके।
कृषि विभाग द्वारा इस कार्य की लगातार समीक्षा की जा रही है। आईएफएमएस पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 1004 उर्वरक विक्रेता सक्रिय हैं, जिनमें से एल-1 पॉस मशीन वाले 694 विक्रेताओं में से अब तक केवल 307 विक्रेताओं ने ही नया वर्जन अपडेट किया है। चिंताजनक बात यह है कि इन 307 विक्रेताओं में से भी केवल 246 ने ही अपनी मशीन में जियो-फेंसिंग कराई है। शेष 61 विक्रेताओं ने अभी तक जियो-फेंसिंग का कार्य भी पूरा नहीं किया है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने शेष उर्वरक विक्रेताओं को तत्काल कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सभी विक्रेताओं को अविलंब अपनी एल-1 पॉस मशीन में नया वर्जन अपडेट करते हुए जियो-फेंसिंग करना सुनिश्चित करना चाहिए। इस महत्वपूर्ण निर्देश का पालन न करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम किसानों को सही समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। विभाग इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
