ऑपरेशन सिंदूर डॉक्यूमेंट्री पर पाकिस्तान की आपत्ति, भारत के ‘प्रचार’ पर उठाए सवाल
पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने इस डॉक्यूमेंट्री को भारत का प्रोपेगेंडा करार देते हुए कहा है कि इसमें घटनाओं को भारत के पक्ष में झुकाकर पेश किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी फिल्में वास्तविक घटनाओं को नहीं बदल सकतीं।
लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में डॉक्यूमेंट्री को ‘त्रासदी और कॉमेडी’ का मिश्रण बताया। उनका आरोप है कि फिल्म में चुनिंदा इंटरव्यू, भावनात्मक कहानियों और नाटकीयता का सहारा लेकर तथ्यों को विकृत किया गया है।
डॉक्यूमेंट्री का संदर्भ
‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ नामक यह दो-भाग वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज 15 अगस्त को रिलीज हुई थी, जिसे वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी ने तैयार किया है। यह डॉक्यूमेंट्री पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की 88 घंटे चली सैन्य कार्रवाई की योजना और उसके क्रियान्वयन पर केंद्रित है। इसमें पहली बार कई वरिष्ठ भारतीय सैन्य अधिकारी इस ऑपरेशन पर विस्तार से बात करते नजर आ रहे हैं।
पाकिस्तान का आरोप: सैन्य नाकामी को जीत बताया
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने दावा किया कि भारत ने इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से अपनी सैन्य नाकामी को एक सफल ऑपरेशन के तौर पर पेश करने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कहानी कहने के तरीके और दृश्यों का उपयोग करके एक असफल अभियान को सफल दिखाया गया है। चौधरी ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिवसीय संघर्ष के दौरान उनकी सेना ने आठ भारतीय सैन्य विमानों को मार गिराने का दावा किया, हालांकि भारत पहले ही इन दावों को खारिज कर चुका है।
संघर्ष विराम पर भी उठाए सवाल
पाकिस्तान ने यह भी कहा कि दोनों देशों के DGMO (महानिदेशक सैन्य अभियान) स्तर की बातचीत के बाद संघर्ष विराम हुआ था, इसलिए इसे भारत की एकतरफा जीत कहना गलत है। पाकिस्तान ने डॉक्यूमेंट्री के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि भारत ने लड़ाई को सीमित रखा और पाकिस्तान को पीछे हटने का मौका दिया, इसे विरोधाभासी बताया।
पहलगाम हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक की घटनाएँ
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इसके जवाब में, 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें बढ़ीं, जो 10 मई को DGMO स्तर की बातचीत के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनने तक जारी रहीं। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से भारत इस पूरी सैन्य कार्रवाई का अपना पक्ष रख रहा है, जिस पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई है।
