सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता की मांग, 25 अगस्त को होगी छात्र हुंकार पंचायत
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं का धैर्य जवाब दे रहा है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र 25 अगस्त को ‘हुंकार पंचायत’ का आयोजन कर रहे हैं। इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश भर के छात्र अपनी लंबित समस्याओं और मांगों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखेंगे।
संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच के संयोजक पंकज पांडेय ने बताया कि लाखों अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर परिणाम, रिक्त पदों को भरना और निष्पक्ष अवसर की मांग कर रहे हैं। पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता, परिणाम में देरी और शिकायतों के समाधान में लापरवाही जैसी समस्याएं अभ्यर्थियों के भविष्य को अंधकारमय बना रही हैं। यह समस्या अब किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग जैसी प्रमुख भर्ती संस्थाओं की व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठाई जा रही है।
छात्रों की मांग है कि पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई हो और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी व जवाबदेह बनाया जाए। सरकारी विभागों में खाली पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जाना चाहिए। यह पहल किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा कई साल लगा देते हैं। आवेदन से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया का लंबा खिंचना अभ्यर्थियों को अनिश्चितता में डालता है। परीक्षा होने के बाद परिणाम के लिए लंबा इंतजार और फिर नियुक्ति प्रक्रिया का आगे न बढ़ना छात्रों के भरोसे को तोड़ रहा है। पेपर लीक और अनियमितताओं से छात्रों में भारी नाराजगी है।
सरकारी विभागों में रिक्त पदों को जल्द भरने और नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक भर्ती में लंबे अंतराल और ग्राम पंचायत अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, शिक्षक व लेखपाल जैसी भर्तियों में कथित अनियमितताओं, परीक्षा केंद्रों की अव्यवस्था और भर्ती में देरी जैसे मुद्दे भी उठाए जाएंगे।
पंकज पांडेय ने बताया कि छात्रों की प्रमुख समस्याओं में पेपर लीक, लंबित वेटिंग लिस्ट, नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया, जवाबदेही और पारदर्शिता जैसे मुद्दे शामिल हैं। आयोगों से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर छात्रों ने 25 अगस्त को सरकार को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। ज्ञापन के माध्यम से समस्याओं के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। यदि एक सप्ताह में ठोस निवारण नहीं होता है, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर बढ़ाया जाएगा और छात्र लखनऊ में एकजुट होकर सड़क पर उतरेंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा, “छात्र एकजुट हैं और व्यवस्था में बदलाव के लिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे। यह किसी व्यक्ति के खिलाफ आंदोलन नहीं, बल्कि न्याय, पारदर्शिता और रोजगार के लिए छात्रों की सामूहिक आवाज है। उत्तर प्रदेश के युवाओं को उनका हक मिलना चाहिए।”
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