पालीगंज विधानसभा चुनाव: सीपीआईएमएल के संदीप सौरव या एलजेपीआर के सुनील कुमार?
बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाली पालीगंज विधानसभा सीट पर मौजूदा चुनाव के लिए मतगणना प्रक्रिया शुरू हो गई है। पटना जिले के अंतर्गत आने वाली यह सीट पाटलीपुत्र लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है, और इसके परिणाम पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
पालीगंज सीट का एक समृद्ध चुनावी इतिहास रहा है। वर्ष 1951 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता राम लखन सिंह यादव ने यहां से जीत दर्ज कर इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था। हालिया इतिहास की बात करें तो, 2020 के विधानसभा चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (सीपीआईएमएल एल) के संदीप यादव ने यहां से शानदार जीत हासिल की थी, जिससे यह सीट सीपीआईएमएल के गढ़ के रूप में उभरी थी।
इस बार के चुनावी मुकाबले में कुल 14 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य दावेदारों में सीपीआईएमएल लिबरेशन से संदीप सौरव शामिल हैं, जो अपनी पार्टी की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके सामने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सुनील कुमार एक मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं, जिनकी पार्टी भी इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। इसके अतिरिक्त, जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के श्याम नंदन शर्मा भी चुनावी मैदान में हैं, जो त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना को बल दे रहे हैं।
मतगणना के शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम परिणाम तक, पालीगंज की जनता और राजनीतिक विश्लेषक यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या सीपीआईएमएल अपनी सीट बरकरार रख पाएगी या लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) या कोई अन्य दल यहां अपना परचम लहराएगा। यह सीट न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, और इसका परिणाम आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
