47 हजार कर्मियों को वेतन रोकने का आदेश, संपत्ति का ब्योरा न देने पर कार्रवाई
राज्य सरकार ने मानव संपदा पोर्टल पर 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्तियों का ऑनलाइन ब्योरा न देने वाले 47,816 कर्मियों को जानकारी देने के लिए 10 मार्च तक की मोहलत दी है। मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, संपत्ति का विवरण जमा करने के बाद ही इन कर्मियों को जनवरी और फरवरी माह का वेतन जारी किया जाएगा। यह कदम सरकारी कर्मचारियों में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस आदेश के तहत, जो कार्मिक 31 जनवरी 2026 तक अपना विवरण ऑनलाइन नहीं देंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें वर्तमान चयन वर्ष में पदोन्नति पर विचार न करना और एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) का लाभ न देना शामिल है। इसके अतिरिक्त, विदेश यात्रा या प्रतिनियुक्ति के लिए सतर्कता अनुमति भी नहीं दी जाएगी।
शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कार्मिक को जानकारी न देने के बावजूद जनवरी 2026 का वेतन जारी किया गया है, तो संबंधित आहरण वितरण अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वेतन जारी करने से पहले आहरण वितरण अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्मिक ने 10 मार्च तक अपनी संपत्ति का विवरण जमा कर दिया है। कार्मिक विभाग को एनआईसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी की समय सीमा तक 47,816 कार्मिकों ने यह जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की थी। यह नियम सरकारी कामकाज में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भविष्य की प्रगति पर पड़ेगा।
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