नोएडा जमीन घोटाला: मुआवजे के नाम पर 10% कमीशन तय, एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में बताई सच्चाई
नोएडा में जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को मुआवजा देने में हुई अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सुप्रीम कोर्ट में खुलासा किया है कि किसानों को अधिक मुआवजा दिलाने के नाम पर अधिकारियों से 10 फीसदी कमीशन तय किया गया था। यह जानकारी एसआईटी ने शीर्ष अदालत में अपनी आरंभिक जांच रिपोर्ट पेश करते हुए दी। मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि जांच के दौरान कई किसानों ने स्वीकार किया है कि तय रकम से अधिक मुआवजा दिलाने के बदले अधिकारियों ने उनसे 10 फीसदी नकद कमीशन लिया था।
एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की आगे की जांच पूरी करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा था। हालांकि, कोर्ट ने जांच की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए एसआईटी को छह सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार से अनुमति मांगने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले एसआईटी को पिछले 10-15 सालों में प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि जिन किसानों को कथित तौर पर अधिक मुआवजा मिला है, उन्हें जांच के दौरान परेशान नहीं किया जाएगा और उनके खिलाफ कोई जबरदस्ती की कार्रवाई नहीं होगी। इस पूरे मामले में जनता का हित प्रभावित हुआ है क्योंकि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है।
सीएपीएफ कानून खत्म करेंगे: राहुल गांधी, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
रानी लक्ष्मीबाई टोली ने जीता स्काउट गाइड शिविर, बीएड छात्रों का जलवा
अलीगढ़: अर्धनिर्मित माल के आवागमन पर रोक नहीं, उद्यमियों को बड़ी राहत
बिकरू कांड: विदेशी असलहों के मामले में चार दोषी करार, मिली सजा
स्मार्ट प्रीपेड मीटर: उपभोक्ता का अधिकार, पोस्टपेड में बदलने की मांग
ईडी का शिकंजा कसा: पूर्व एमएलसी इकबाल की और प्रॉपर्टीज चिन्हित, भगोड़ा घोषित की तैयारी
कानपुर मेट्रो का टेस्ट रन जल्द, थर्ड रेल चार्जिंग पूरी
मोहनलालगंज में सड़क हादसा: ऑटो की टक्कर से मासूम की मौत, एक अन्य की बाइक से भिड़ंत में गई जान
