आगरा के परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की पढ़ने की आदत और समसामयिक घटनाओं (करंट अफेयर्स) की समझ को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने यह निर्णय...
आगरा के परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की पढ़ने की आदत और समसामयिक घटनाओं (करंट अफेयर्स) की समझ को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है कि अब स्कूलों में छात्रों को नियमित रूप से अखबार पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है।
वर्तमान समय में बच्चों द्वारा मोबाइल और इंटरनेट मीडिया के अत्यधिक उपयोग के कारण गंभीर और लंबे पाठ पढ़ने की उनकी आदत में कमी आई है। इस चुनौती को देखते हुए, विभाग ने यह व्यवस्था लागू की है। रोजाना अखबार पढ़ने से छात्रों में नियमित अध्ययन की आदत विकसित होगी, जिससे उनकी एकाग्रता बढ़ेगी। साथ ही, समसामयिक घटनाओं की समझ मजबूत होगी और उनके संवाद कौशल में भी निखार आएगा।
प्रतियोगिताओं से बढ़ेगा उत्साह
छात्रों के सीखने की प्रक्रिया को और अधिक रोचक बनाने के लिए, जिला बेसिक शिक्षा विभाग हर 15 दिन में प्रतियोगिताओं का आयोजन भी करेगा। इन प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और वे अपने कौशल को और निखार सकेंगे। स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खबरों पर चर्चा से बच्चे अपने आसपास की घटनाओं से जुड़ेंगे, जिससे उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिकता की समझ विकसित होगी।
पाठ्यक्रम में सहायक
नियमित रूप से अखबार पढ़ने से छात्रों की हिंदी शब्दावली और सामान्य ज्ञान में सुधार होगा, जो परीक्षाओं में निबंध, पत्र लेखन और मौखिक परीक्षाओं में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। इससे बच्चों में तथ्यों पर आधारित सोचने-समझने की क्षमता विकसित होगी। कक्षा में समाचारों पर चर्चा और बहस की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बच्चे केवल रटने वाले नहीं, बल्कि विश्लेषणात्मक सोच वाले बनेंगे।
डिजिटल विकल्प भी
जिले के 2491 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 2.18 लाख छात्र-छात्राएं इस पहल से लाभान्वित होंगे। कक्षा एक से आठ तक के सभी छात्र इसके दायरे में रहेंगे। छोटी कक्षाओं के लिए, सरल भाषा वाले बच्चों के अखबारों या बुलेटिन का उपयोग किया जाएगा। जहां प्रिंट अखबारों की उपलब्धता में देरी हो सकती है, वहां डिजिटल स्क्रीन पर प्रमुख खबरें दिखाई जा सकती हैं, लेकिन प्रिंट अखबार पढ़ने की आदत को बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। परीक्षा के दिनों में इस गतिविधि को हल्का रखा जाएगा ताकि छात्रों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।