ताजमहल के मेहमानखाना का संरक्षण कार्य शुरू, पच्चीकारी और पत्थरों की होगी मरम्मत | agra news
विश्व धरोहर ताजमहल के दीदार के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने मुख्य मकबरे के पूर्वी हिस्से में स्थित ऐतिहासिक मेहमानखाना के संरक्षण और जीर्णोद्धार का काम आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है। समय के साथ इस प्राचीन संरचना को पहुंचे नुकसान को ठीक करने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि इसकी वास्तुकला और सुंदरता को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।
ताजमहल के मुख्य मकबरे की पश्चिम दिशा में मस्जिद और पूर्वी दिशा में मेहमानखाना स्थित है, जो वास्तुकला की बेहतरीन जवाब शैली का उदाहरण पेश करते हैं। मेहमानखाना की दीवारों पर की गई नायाब पच्चीकारी के जो पत्थर वक्त के साथ निकल गए हैं, उन्हें करीने से दोबारा लगाया जा रहा है। इसके साथ ही, दीवारों की पॉइंटिंग और लोनी के कारण खराब हो चुके पत्थरों को बदलकर नए लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर लगाए जा रहे हैं। सामने चबूतरे के फर्श पर बने गड्ढों को ठीक करने के लिए भी विशेष कार्य योजना पर काम चल रहा है।
इस संरक्षण परियोजना पर 45 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी और एएसआई के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में चार से पांच महीने का वक्त लग सकता है। पुरातात्विक विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहे इस कार्य का उद्देश्य इस ऐतिहासिक इमारत को उसके मूल स्वरूप में वापस लाना है। इस ऐतिहासिक धरोहर के संवरने से आने वाले समय में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को इसका और अधिक भव्य और मौलिक रूप देखने को मिलेगा, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
काम के दौरान सुरक्षा और सुगमता बनाए रखने के लिए परिसर में पाड़ बांधी गई है और पर्यटकों के प्रवेश के लिए लकड़ी की रेलिंग लगाकर इसे प्रतिबंधित किया गया है ताकि मरम्मत कार्य में कोई बाधा न आए।
