ताजगंज सराफा कांड में नया मोड़, चोर और पुलिसकर्मियों का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट | agra news
आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक सर्राफ के साथ हुई धोखाधड़ी और चोरी के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रांस यमुना थाना पुलिस द्वारा की गई बरामदगी को लेकर सर्राफ ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है। इस हाईप्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस विभाग ने वैज्ञानिक जांच का सहारा लेने का निर्णय लिया है।
क्या है पूरा मामला और सर्राफ के आरोप
नगली कली निवासी सर्राफ सुनील कुमार की बीएसआर ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। पीड़ित के अनुसार, परिचितों के माध्यम से वह 114 ग्राम वजन की सोने की आठ चूड़ियां और एक ब्रेसलेट लेकर शाहदरा एक दुकान पर गए थे। वहां आरोपी जेवरात की जांच के बहाने उन्हें लेकर फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोच तो लिया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने असली सोने के गहनों के बजाय थाने में नकली जेवरात की बरामदगी दिखा दी। इस खुलासे के बाद से स्थानीय कारोबारियों में भी रोष व्याप्त है।
लाई डिटेक्टर टेस्ट से खुलेगा सच
मामले की नजाकत को भांपते हुए डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने एसीपी छत्ता को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सौंप दी है। पुलिस अब इस बात की तह तक जाने के लिए जमानत पर छूटे मुख्य आरोपी चोर लियाकत के साथ-साथ शक के घेरे में आए ट्रांस यमुना थाने के पुलिसकर्मियों का भी लाई डिटेक्टर टेस्ट कराएगी। इस वैज्ञानिक परीक्षण के जरिए यह स्पष्ट किया जाएगा कि असली जेवरात कहां गए और क्या वाकई पुलिस ने फर्जी बरामदगी दिखाई थी। इस तरह की घटनाओं से पुलिस की छवि पर असर पड़ता है, और जनता का कानून से भरोसा न उठे, इसलिए पारदर्शी जांच बेहद जरूरी हो जाती है।
