चुनाव आयोग के खिलाफ राज ठाकरे का गर्जना मार्च, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की उठी मांग | maharashtra politics
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित ‘गर्जना मार्च’ के दौरान चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों और वोट चोरी के मुद्दों को उजागर करना था, जिससे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर पड़ रहा है।
मार्च के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने दो प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने मांग की कि अब तक हुए एसआईआर को तुरंत रद्द किया जाए और देश में दोबारा बैलेट पेपर से मतदान प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच महज छह महीने के अंतराल में मतदाताओं की संख्या में अचानक भारी बढ़ोतरी कैसे दर्ज की गई।
राज ठाकरे ने दावा किया कि वह साल 2018-19 से ही वोट चोरी का मुद्दा उठाते आ रहे हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि उस दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं से भी इस प्रकार की चुनावी अनियमित्ताओं के खिलाफ मुखर होने की अपील की थी। चुनावी नतीजों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रचंड बहुमत मिलने के बावजूद राज्य में जीत का वह उत्साह नजर नहीं आया, जो आम तौर पर होता है।
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए विपक्षी दलों और नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगाए हैं, जिसका सीधा प्रभाव लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के भरोसे पर पड़ता है। आगामी समय में इन राजनीतिक सरगर्मियों के कारण चुनाव सुधारों की मांग और अधिक जोर पकड़ सकती है।
