एशियन गेम्स फाइनल में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले के दौरान नहीं हुई हाथ मिलाने की परंपरा | india vs pakistan cricket match
एशियन गेम्स के दौरान खेले गए पुरुष क्रिकेट के खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 19 रनों से शिकस्त दी और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ ही भारत ने महाद्वीपीय खेलों में अपना दबदबा एक बार फिर साबित किया। लेकिन मैदान पर खेल के अलावा दोनों टीमों के बीच की कड़वाहट एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई, जब कप्तानों ने पारंपरिक रूप से हाथ मिलाने से परहेज किया।
क्रिकेट में क्यों बरती जा रही है दूरी
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर और पाकिस्तानी कप्तान साहिबजादा फरहान के बीच टॉस के समय या मैच समाप्ति के बाद औपचारिक हैंडशेक देखने को नहीं मिला। दोनों पक्षों के बीच इस तरह की दूरी पिछले कुछ समय से क्रिकेट के मैदान पर लगातार बनी हुई है, जो दोनों देशों के बीच के राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव को दर्शाती है। खेल प्रेमियों के बीच यह चर्चा का विषय है कि जहां अन्य खेलों में खिलाड़ी आपसी सम्मान बनाए रखते हैं, वहीं क्रिकेट में यह परंपरा टूट रही है।
अन्य खेलों में दिखी खेल भावना
क्रिकेट के विपरीत, एशियन गेम्स के अन्य मुकाबलों में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच पूरी तरह से खेल भावना नजर आई। टेबल टेनिस, स्क्वैश और हॉकी मुकाबलों में खिलाड़ियों ने मैच के बाद एक-दूसरे से हाथ मिलाए और खेल की गरिमा को बनाए रखा। वॉलीबॉल मुकाबले में तो एक बेहद खूबसूरत पल देखने को मिला, जहां हार-जीत के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने भारतीय खिलाड़ियों को गले लगाया और ढांढस बंधाया। यह इस बात का प्रमाण है कि मैदान के बाहर खिलाड़ी आपसी भाईचारे का सम्मान करना जानते हैं, लेकिन क्रिकेट के कड़े माहौल और पुराने तनावों के कारण वहां अब भी दूरियां बरकरार हैं।
