सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश, ओवरलोड वाहनों से जुर्माना वसूलने के बाद भी उतरवाना होगा अतिरिक्त भार | agra news
सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब केवल आर्थिक दंड वसूलकर ओवरलोड वाहनों को आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी, बल्कि उनसे अतिरिक्त भार उतरवाना अनिवार्य कर दिया गया है। आगरा के जाने-माने अधिवक्ता और सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता केसी जैन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने यह सख्त निर्देश जारी किए हैं।
अधिवक्ता केसी जैन ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि केवल जुर्माना वसूलने से सड़क पर मौजूद वास्तविक खतरा टलता नहीं है। ओवरलोडिंग के कारण वाहनों का संतुलन, ब्रेकिंग सिस्टम और स्टीयरिंग प्रभावित होते हैं, जिससे भीषण सड़क हादसे होते हैं। कोर्ट ने इस तार्किकता को स्वीकार करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की मानक कार्यप्रणाली को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
आरटीआई के माध्यम से सामने आए आंकड़ों से यह खुलासा हुआ था कि टोल प्लाजा पर लाखों ओवरलोड वाहन पकड़े जाने के बावजूद उनसे केवल जुर्माना वसूला गया और अतिरिक्त भार उतरवाने की कार्रवाई कागजों पर नहीं दिखी। सर्वोच्च न्यायालय के इस नए आदेश के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ने की पूरी उम्मीद है, जिससे आम जनता की सुरक्षा पुख्ता होगी।
