फिल्मों में स्मोकिंग के पोस्टर्स पर संजय गुप्ता ने उठाए सवाल | bollywood news
बॉलीवुड में फिल्मों के प्रमोशन और ऑन-स्क्रीन किरदारों के लुक में सिगरेट और तंबाकू के इस्तेमाल को लेकर बहस तेज हो गई है। फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक कोलाज साझा किया, जिसमें कई बड़े कलाकारों को उनके आगामी और हालिया प्रोजेक्ट्स के पोस्टर्स में स्मोकिंग करते हुए दिखाया गया था। इस तीखी आलोचना के जरिए उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब सिनेमाघरों में प्रवेश करते ही या फिल्म के दौरान अनिवार्य एंटी-स्मोकिंग डिस्क्लेमर दिखाए जाते हैं, तो फिर फिल्मों के आधिकारिक पोस्टर्स पर ही इस तरह के दृश्यों को प्रमुखता से क्यों परोसा जाता है।
इस वैचारिक बहस के बीच सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। जहां कुछ यूजर्स ने उनके इस तर्क का समर्थन किया और इसे दोहरे मापदंड करार दिया, वहीं कुछ लोगों ने उनके पुराने दौर के फिल्मी गानों का हवाला भी दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्देशक ने स्पष्ट किया कि उस दौर और मौजूदा समय के नियमों में जमीन-आसमान का अंतर है। इस तरह की बहसों से यह साफ होता है कि दर्शकों और फिल्म निर्माताओं के बीच अब ऑन-स्क्रीन कंटेंट और उसके सामाजिक प्रभाव को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, जिससे भविष्य में सिनेमाई प्रस्तुतिकरण पर असर पड़ सकता है।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी सीबीएफसी द्वारा फिल्मों में नशीले पदार्थों के चित्रण को लेकर नियमों को काफी कड़ा कर दिया गया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संशोधित दिशानिर्देशों के तहत अब फिल्मों में किसी भी तरह के गैर-कानूनी ड्रग्स या तंबाकू के सेवन वाले दृश्यों के दौरान स्क्रीन पर अनिवार्य रूप से चेतावनी संदेश प्रदर्शित करना कानूनी रूप से जरूरी कर दिया गया है। इन सख्त प्रावधानों का उद्देश्य विशेषकर युवा वर्ग पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को रोकना है।
